biodatamaker
✕

सत्येंद्र जैन का दावा, कोरोना से जान गंवाने वाले 75 फीसदी लोगों ने नहीं लगवाई थी वैक्सीन

Updated: शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 (15:05 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को कोविड-19 के 25 हजार से कम नए मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए थे।
 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को कोविड-19 के सर्वाधिक 28,867 नए ममाले सामने आए थे, जबकि 31 और मरीजों की इससे मौत हो गई थी। वहीं, संक्रमण दर बढ़कर 29.21 प्रतिशत हो गई थी। इससे पहले, दिल्ली में 20 अप्रैल 2021 को सर्वाधिक 28,395 दैनिक मामले सामने आए थे।
 
9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच जिन 97 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से 70 लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ था, जबकि 19 ने पहली खुराक ही ली थी। वहीं, 8 का पूर्ण टीकाकरण हो चुका था।
 
जैन ने कहा कि कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए थे। टीकाकरण करना आवश्यक है। ऐसे भी कई मरीज थे, जो संक्रमण की चपेट में आने से पहले किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
Koo App

Show comments

अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, CJP के प्रोटेस्‍ट पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

आतंकियों को पनाह देने वालों पर रक्षामंत्री राजनाथ का कड़ा प्रहार, SCO की बैठक में बोले- नहीं चलेगा दोहरा रवैया...

PM मोदी ने दशहरे पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन की क्‍यों की तारीफ? बोले- आपका बयान प्रेरणादायी है...

अक्टूबर के अंत तक आ सकता है परिसीमन बिल? दक्षिण के दल बदल रहे हैं सुर

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच को सौंपा गया केस, क्या बोले अभिजीत दिपके

सभी देखें

संविधान की हत्या करने वाली कांग्रेस की गोद में खेल रही सपा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का तीखा हमला

शिवा शर्मा हत्याकांड : मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, 11 दिन से दे रही थी चकमा

PM मोदी ने दिल्ली में किया रावण दहन, बोले– रामराज्य का मतलब शासन नहीं, सत्ता का उद्देश्य जनकल्याण है...

सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी के जुलूस बाधित किए जाते थे : कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह

अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, CJP के प्रोटेस्‍ट पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

अगला लेख