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BJP सांसद के दफ्तर में खड़ी एंबुलेंस को लेकर बवाल, रूडी ने पप्पू यादव को सारी एंबुलेंस चलवाने की दी चुनौती

Ambulance controversy
छपरा। बिहार में मधेपुरा के पूर्व सांसद और जनअधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक स्थान पर धावा बोलकर दो दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस बिना इस्तेमाल के रखे होने का मामला उजागर किया। सभी एंबुलेंस की खरीदारी सारण से लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी के कोष से की गई थी।

एंबुलेंस पर रूडी का नाम लिखा था और संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैंड) के कोष से इसकी खरीदारी हुई थी। अपने समर्थकों के साथ पप्पू यादव शुक्रवार को अचानक उस जगह पहुंच गए जहां कई सारी एंबुलेंस खड़ी थी और सुरक्षाकर्मियों से बहस होने के बाद वे परिसर के भीतर चले। परिसर में कई एंबुलेंस को तिरपाल से ढंककर रखा गया था।

कोविड-19 महामारी जब अपने चरम पर है, ऐसे में मरीजों को पहुंचाने में एंबुलेंस का इस्तेमाल नहीं करने के लिए पप्पू यादव ने भाजपा सांसद रूडी की तीखी आलोचना की। जनअधिकार पार्टी के प्रमुख ने कहा कि लोगों को एक किलोमीटर तक कोविड मरीज को ले जाने के लिए भी 12,000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। एंबुलेंस की घोर किल्लत है और सारण के सांसद ने 100 एंबुलेंस को बिना इस्तेमाल के खड़ा कर रखा है।
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने (रूडी) अपने कुछ लोगों को एंबुलेंस बांट दी। इस मामले की जांच होनी चाहिए। एमपीलैड कोष जनता का धन है। वहीं, रूडी के एक समर्थक ने यादव पर परिसर में जबरन घुसने और एंबुलेंस में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि शनिवार को अमनौर थाने में यादव के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई। एंबुलेंस बिना इस्तेमाल के रखे होने का मामला सामने आने के बाद रूडी और यादव के बीच जुबानी जंग हुई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण के मौजूदा सांसद रूडी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि कोविड महामारी के कारण ड्राइवर नहीं मिलने से एंबुलेंस रखी हुई थी। रूडी ने यादव पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया और उन्हें ड्राइवरों की व्यवस्था करने की चुनौती दी।(भाषा)
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