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न्यूरोलॉजिकल समस्या वाले बच्चों के लिए क्यों प्रभावी है Pfizer वैक्सीन, क्या कहती है यह स्टडी
कोरोना महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। अब तक कोरोना संक्रमण से बचने का सबसे प्रभावी उपाय वैक्सीनेशन ही है। एक नई स्टडी के अनुसार फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन 12 से 15 साल के बच्चों में काफी प्रभावी मानी गई है।
स्टडी से ये पता चला है कि इस वैक्सीन को लेने के बाद बच्चों में अच्छी मात्रा में एंटीबॉडी बनी है और ये काफी प्रभावी भी है। इसके साथ ही जिन बच्चों की पहले से कोई भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है उनमें भी यह वैक्सीन बहुत कारगर है।
आपको बता दें कि फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की ये रिपोर्ट 'Archives of Disease in Childhood' जर्नल में छपी है। हालांकि इस रिपोर्ट के अनुसार डेटा साइज काफी छोटा लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ये वैक्सीन बच्चों पर पूरी तरह से प्रभावी है और इसे लेने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।
गौरतलब, है कि बच्चों में कोरोना संक्रमण होने पर सामान्यत मामूली लक्षण ही नजर आते हैं लेकिन, जिन बच्चों को पहले से किसी तरह की न्यूरोलॉजिकल समस्या है, उनके लिए कोरोना संक्रमण खतरनाक साबित हो सकता है।
इस रिपोर्ट से ये पता चला है कि High Risk कैटेगरी वाले बच्चों में भी वैक्सीन बहुत प्रभावी है। ब्रिटेन की वैक्सीनेशन कमिटी ने यह सुझाव दिया है कि न्यूरोलॉजिकल समस्या से ग्रसित सभी बच्चों को कोरोना का टीका जल्द से जल्द लगाया जाए।
स्टडी से ये पता चला है कि इस वैक्सीन को लेने के बाद बच्चों में अच्छी मात्रा में एंटीबॉडी बनी है और ये काफी प्रभावी भी है। इसके साथ ही जिन बच्चों की पहले से कोई भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है उनमें भी यह वैक्सीन बहुत कारगर है।
आपको बता दें कि फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की ये रिपोर्ट 'Archives of Disease in Childhood' जर्नल में छपी है। हालांकि इस रिपोर्ट के अनुसार डेटा साइज काफी छोटा लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ये वैक्सीन बच्चों पर पूरी तरह से प्रभावी है और इसे लेने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।
इस रिपोर्ट से ये पता चला है कि High Risk कैटेगरी वाले बच्चों में भी वैक्सीन बहुत प्रभावी है। ब्रिटेन की वैक्सीनेशन कमिटी ने यह सुझाव दिया है कि न्यूरोलॉजिकल समस्या से ग्रसित सभी बच्चों को कोरोना का टीका जल्द से जल्द लगाया जाए।
