दिल्ली में कोरोना संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ी, हर रोज हो रही हैं 8 से 10 मौतें

Last Updated: मंगलवार, 16 अगस्त 2022 (23:12 IST)
हमें फॉलो करें
नई दिल्ली। update : देश की राजधानी में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या से चिंताएं बढ़ रही हैं। महानगर में कोरोना से मरने वालों की संख्या पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन 8 से 10 है। मंगलवार को दिल्ली में 19.20 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ कोविड-19 के 917 नए मामले आए, 3 और मरीजों की मौत कोरोना से हुई।


पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामले भी प्रतिदिन 2 हजार से ज्यादा दर्ज हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने ट्वीट करते हुए लोगों से कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी कि मास्क जरूर पहनें और कोरोना नियमों के नियमों का पालन करें। दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर जुर्माने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों ने केंद्र की भी चिंता बढ़ा दी है।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में 90 प्रतिशत कोविड मरीजों ने टीके की दो खुराक ली हुई हैं, एहतियाती खुराक केवल 10 फीसदी ने ही ली। कोविड रोधी टीके की एहतियाती खुराक लेने वाले दूसरों की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं, दिल्ली सरकार एहतियाती खुराक के टीकाकरण में तेजी लायी है।

शिविर लगाकर दें बूस्टर डोज : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यों से अपील की कि वे कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक देने के लिए रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों और धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर टीकाकरण शिविर लगाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण हो सके। 15 अगस्त तक देश में एहतियाती खुराक की अर्हता रखने वाले केवल 17 प्रतिशत वयस्कों ने ही तीसरी खुराक ली थी।
मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ ऑनलाइन संवाद के दौरान सलाह दी कि वे तीसरी खुराक के तौर पर पूर्व के टीकों से अलग कॉर्बेवैक्स लेने के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करें।

उन्होंने बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों, स्कूल/कॉलेज, तीर्थ मार्ग और धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर टीकाकरण शिविर लगाने का भी आह्वान किया ताकि अर्हता प्राप्त लाभार्थियों में एहतियाती खुराक लेने वालों की संख्या बढ़ाई जा सके। देश में 14 जुलाई को एहतियाती खुराक लेने के लिए 64,89,99,721 लोग अर्हता रखते थे जिनमें से केवल आठ प्रतिशत से बूस्टर खुराक ली थी।
सरकार ने 15 जुलाई को 18 साल साल से अधिक उम्र के लोगों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक मुफ्त देने के लिए 75 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया। आंकडों के मुताबिक 15 अगस्त तक करीब 74.5 करोड़ की आबादी एहतियाती खुराक की अर्हता रखती थी जिनमें से केवल 17 प्रतिशत यानी 12,36,03,060 ने तीसरी खुराक ली है।



और भी पढ़ें :