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  4. Covid transmission through water is not a concern, say experts after dead bodies found floating in Ganga
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Last Modified: मंगलवार, 25 मई 2021 (18:25 IST)

पानी में मिला कोरोनावायरस! जानिए कितना है घातक

How deadly is water
लखनऊ में पानी में कोरोनावायरस मिलने से हड़कंप मच गया है। इसे यह भय फैलने लगा कि क्या यह संक्रमण फैला सकता है। कुछ दिनों पूर्व बिहार के बक्‍सर और उत्‍तरप्रदेश के गाजीपुर और बलिया में गंगा व हमीरपुर में यमुना में तैरते हुए शव मिले थे।

इससे यह आशंका जताई जा रही थी कि ये कोरोना से मरने वाले लोगों के शव हो सकते हैं। इससे लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। उन्‍हें डर है कि नदी के जरिए कहीं कोरोना का संक्रमण उन्‍हें चपेट में तो नहीं ले लेगा? क्‍या नदियों से संक्रमण घर-घर फैल सकता है?
कारण है कि गंगा और यमुना कई शहरों और गांवों में पेयजल का मुख्य स्रोत हैं। इसके अलावा ये कई नदियों और जलाशयों के लिए जलस्रोत का काम करती हैं। इसे लेकर विशेषज्ञों ने स्पष्टीकरण दिया था। आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर सतीश तारे ने कहा था कि गंगा या इसकी सहायक नदियों में शवों को प्रवाहित करने का मामला गंभीर है। खासकर ऐसे समय में जब देश कोरोना वायरस महामारी के संकट से जूझ रहा है।

प्रोफेसर ने कहा कि शवों को नदियों में फेंकने का संचरण यानी संक्रमण फैलने की प्रक्रिया पर ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है। तारे ने कहा कि गंगा या इसकी सहायक नदियों में शवों को प्रवाहित करने का मामला नया नहीं है, लेकिन पिछले 10-15 वर्षों में इसमें काफी कमी आई थी।

उन्होंने कहा कि शवों को नदियों में फेंकने से नदियां मुख्य रूप से प्रदूषित होती हैं। उन्होंने कहा कि  अगर कोविड-19 के संदिग्ध रोगियों के शव बाहर भी निकाले जाते हैं तो काफी कुछ घुल चुका होता है (जल में प्रवाह के दौरान)। लिहाजा, प्रभाव ज्यादा नहीं हो सकता है।
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