Omicron वैरिएंट भारतीयों के लिए कितना घातक? बच्चों पर क्या होगा असर... जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अवनीश कुमार| पुनः संशोधित मंगलवार, 30 नवंबर 2021 (21:27 IST)
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कानपुर। कोरोनावायरस के नए वैरिएंट को लेकर आम लोगों के अंदर एक बार फिर डर दिखने लगा है और अफवाहों के दौर के बीच वे अब तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं। कोरोना के नए वैरिएंट से अपने परिवार को बचाने के लिए लेकिन इसी बीच एक बार फिर आईआईटी कानपुर के प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर बयान जारी करते हुए कहा है कि कोरोना का नया वैरिएंट भारत में अधिक घातक नहीं होगा, क्योंकि भारतीयों में नेचुरल इम्युनिटी सिस्टम मजबूत पाया जाता है।
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इसलिए सावधानी बरतें और का पालन करें। मन में किसी प्रकार की घबराहट या डर बैठाने की आवश्यकता नहीं है। आपको बताते चलें कि वैश्विक महामारी कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसे लेकर भारत सरकार के निर्देश पर विदेशों से आने वाले लोगों की विशेष निगरानी की जा रही है।

इन सबके बावजूद लोगों में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आशंकाएं व्याप्त होने लगी है। इसी बीच कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर पद्मश्री मणीन्द्र अग्रवाल ने अपने गणितीय माडल से अध्ययन करके जानकारी साझा करते हुए बताया है कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के विषय में अब तक जो अध्ययन किया गया है उसके मुताबिक यह उन्हें प्रभावित कर रहा है जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है।

विदेशों में प्रभावित लोगों की तुलना में भारतीयों की नेचुरल इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है। ऐसे में पूरी सम्भावना है कि नया वैरिएंट ओमिक्रॉन भारत में अधिक घातक साबित नहीं होगा। यही नहीं, भारतीय बच्चे बिलकुल भी प्रभावित नही होंगे। यह अलग बात है कि नया वैरिएंट भारत में कोरोना की तीसरी लहर ला सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अभी अध्ययन चल रहा है। एक सप्ताह के बाद सटीक जानकारी मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर को लेकर प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल से जो जानकारी दी थी वह सटीक साबित हुई थी।



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