नए-नए जॉब्स ने मचाई धूम
इंश्योरेंस, हेल्थकेयर और रिटेल में भारी बूम
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अशोक जोशीकरियर निर्माण की 'नई दुनिया' गुजरे जमाने के पारंपरिक करियर क्षेत्रों से एकदम अलग और अलहदा है। जिस तरह समय चक्र तेजी से गुजर रहा है, जिंदगी के सभी कार्यकलापों में तेजी को तरजीह दी जा रही है। प्रतिस्पर्धा, होड़ और एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की प्रवृत्ति में किसी को एक जगह ठहरने की फुर्सत नहीं है, लिहाजा करियर निर्माण पथ पर दौड़ जारी है। कल तक अवसरों के सारे रास्ते निर्माण क्षेत्र से शुरू होकर वहीं खत्म हो जाते थे, जबकि आज सेवा क्षेत्र शीर्ष पर है। कभी सरकारी नौकरियों के प्रति युवा वर्ग में गजब का आकर्षण था, और आज हालत यह है कि खुद सरकार को यह भय सता रहा है कि कहीं उनके आईएएस अधिकारी निजी क्षेत्रों की राह न पकड़ लें। भ्रम भी, रोमांच भीजॉब मार्केट में जो हलचल जारी है, उसने जहाँ युवाओं को रोमांचित किया है तो उनके सामने भ्रम भी निर्मित किया है। आज युवाओं के पास करियर निर्माण की ढेरों जानकारी उपलब्ध है। जगह-जगह आयोजित प्लेसमेंट कैम्पस और करियर फेयर ने उन्हें अनेक विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इन विकल्पों में कुछ ऐसे नए जॉब्स भी शामिल हैं, जिन्होंने भारी धूम मचाई है। ऐसे ही कुछ हॉट जॉब्स की जानकारी प्रस्तुत है : |
| करियर निर्माण की 'नई दुनिया' गुजरे जमाने के पारंपरिक करियर क्षेत्रों से एकदम अलग और अलहदा है। जिस तरह समय चक्र तेजी से गुजर रहा है, जिंदगी के सभी कार्यकलापों में तेजी को तरजीह दी जा रही है। |
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आगे है एनिमेशनआज हर युवा के होंठों पर एनिमेशन का राग है। इस अनूठे क्षेत्र ने प्रिंट मीडिया, टीवी, इंटरनेट, विज्ञापन तथा डिजिटल इंटरफेस के क्षेत्र में ग्राफिक्स और विजुअल्स के रूप में अपनी पकड़ इतनी मजबूत कर ली है कि वेबसाइटों से लेकर प्रेजेंटेशन और इंटेरियर से लेकर फैशन इंस्डस्ट्री, सभी दूर एनिमेशन अग्रणी है। इस समय हमारे देश के एनिमेशन उद्योग में लगभग साढ़े चार सौ करोड़ रुपया लगा है और इस क्षेत्र में आगे भी भारी निवेश संभावित है। कार्टून, थ्रीडी फिल्म, स्पेशल इफेक्ट्स के लिए एनिमेटर्स की भारी माँग है। इस क्षेत्र में प्रतिष्ठित संस्थान से प्रशिक्षण लेकर शानदार करियर की शुरुआत की जा सकती है। बूम बीपीओ कीकल तक बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) और कॉल सेंटर्स का नाम कोई नहीं जानता था, लेकिन आज करियर निर्माण क्षेत्र में इन्हीं के सुर सुनाई दे रहे हैं। बीपीओ इंडस्ट्री ने तो फटाफट पैसा कमाने और लचीली कार्य अवधि की अवधारणा को इस तरह स्थापित किया है कि सभी दंग हैं। आज हमारे देश में लगभग ढाई लाख लोग बीपीओ उद्योग को संचालित कर 25 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर रहे हैं। अब यह उद्योग महानगरों से आगे बढ़ता हुआ टू टायर सिटी में अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहा है, जिससे हर माह बैंकिंग, फाइनेंस और इंश्योरेंस से 500-1000 युवाओं को रोजगार मिल रहा है। स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
मुनाफा मेडिकल ट्रांस्क्रिप्शन मेंभारत की भौगोलिक स्थिति के अनुसार यहाँ मेडिकल ट्रांस्क्रिप्शन का करियर किसी उपहार से कम नहीं है। इस क्षेत्र की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ बिना किसी आर्थिक निवेश के पैसा बरसता है। इस समय लगभग 8000 लोग मेडिकल ट्रांस्क्रिप्शन की बदौलत 500 करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा भारत में ला रहे हैं। अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में 2,50,000 लोगों की आवश्यकता होगी। टॉप पर है टेलिकॉमइस समय देश का टेलिकॉम उद्योग उफान पर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय 6 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोनधारी किसी न किसी कंपनी का मोबाइल उपयोग में ले रहे हैं और इनकी संख्या में लगातार इजाफा जारी है। इसके अतिरिक्त इतनी ही लैंड लाइनों के माध्यम से देश की 1 अरब से ज्यादा आबादी जुड़ी हुई है। इतना ही नहीं ब्रॉड बैंड और डिजिटल केबल भी घरों में प्रवेश करने लगा है। इसे देखते हुए टेलिकॉम उद्योग में आगामी वर्षों के दौरान 3 से 4 लाख प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी। इस क्षेत्र में युवा वर्ग टेलिकॉम इंजीनियरिंग, आईएसडीएन, वायरलैस प्रोटोकोल, आईएसडीएन, हार्डवेयर के साथ-साथ विभिन्न टेलिकॉम सेवाओं के लिए मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के लिए करियर निर्माण के अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध हैं। सब पर हावी इकलौता आईटीथोड़े दिनों तक सुस्ताने के बाद एक बार फिर आईटी उद्योग बूम पर है। जिस तरह विभिन्ना क्षेत्रों में कम्प्यूटरीकरण और ऑटोमेशन की हवा चल रही है, उसे देखते हुए आईटी के क्षेत्र में करियर निर्माण की अपार संभावनाएँ दिखाई देने लगी हैं। इस क्षेत्र में एक अच्छी खबर यह है कि अब आईटी का करियर केवल हैदराबाद, बंगलोर या पुणे तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इंदौर, रायपुर, चंडीगढ़, विशाखापट्टनम और गोआ तक भी फैल गया है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, सॉफ्टवेयर डाटाबेस, एडमिनिस्ट्रेशन और इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में आईटी प्रोफेशनल्स की भारी माँग है। कमाऊ क्षेत्र बन गया है मनोरंजन उद्योगअब मनोरंजन के मायने फिल्मों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। पिछले कुछ सालों से परफार्मिंग आर्ट्स, म्यूजिक शो और थीम इवेंट ने मनोरंजन की परिभाषा ही बदल दी है। स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
वाटर पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, थीम पार्क बाउलिंग, पूल पार्लर जैसे नए मनोरंजन स्थलों पर करियर बनाने वालों के लिए दरवाजे खुले हुए हैं। अनुमान है कि अगले दो साल में यह 1000 करोड़ रुपए का उद्योग बन जाएगा और इस क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए मनोरंजन के साथ कमाई का तोहफा लेकर आएगा। बोलबाला बायोटेक कायदि यह कहा जाए कि आने वाला कल बायोटेक का होगा तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बढ़ती आबादी के साथ जहाँ अधिक उत्पादन देने वाले जिसे मॉडीफाइड बीजों की माँग बढ़ी है, वहीं घातक बीमारियों से बचने के लिए औषधियों की खोज से संबंधी अनुसंधान जारी हैं। यह सब बायोटेक के अंतर्गत आता है। इसी से जुड़े क्षेत्र बायो इंफरमेटिक्स में भी बायो टेक्नालॉजी और आईटी प्रोफेशनल्स की सारी दुनिया में माँग है। इसलिए करियर निर्माण की दृष्टि से बायो टेक्नालॉजी एक बेहतरीन क्षेत्र है। बढ़ रहा है बीमा का व्यवसायहमारे यहाँ कभी भारतीय जीवन बीमा कंपनी बीमा व्यवसाय में संलग्न थी, फिर चार सामान्य बीमा कंपनियाँ अस्तित्व में आईं और आज 25 से ज्यादा देशी-विदेशी बीमा कंपनियों में हजारों युवा अपने परिश्रम से करोड़ों रुपए कमा रहे हैं तथा इन कंपनियों को अरबों का व्यवसाय दे रहे हैं। बीमा के प्रति बढ़ती जागरूकता और इंश्योरेंस लिंक्ड स्कीमों ने जहाँ बीमा कंपनियों का व्यवसाय बढ़ाया है, इस क्षेत्र में योग्य प्रोफेशनल्स की माँग भी बढ़ाई है। मार्केटिंग, सेल्स तथा सर्विस से जुड़े हजारों अवसर युवाओं को एक अच्छे करियर की दावत पेश कर रहे हैं। हरा-भरा है हेल्थकेयर का करियरजिस तरह कॉर्पोरेट जगत की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ सर्व सुविधायुक्त अस्पताल खोल रहे हैं और किफायती चिकित्सा सुविधा के चलते मेडिकल टूरिज्म का धंधा पनप रहा है, हेल्थकेयर के क्षेत्र में करियर के अभूतपूर्व अवसर निर्मित हो रहे हैं। 13 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ने वाले इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र का 1,00,000 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा लगा है तथा यह योग्य प्रोफेशनल्स के लिए नए-नए अवसर लेकर आया है। करियर का राजा है- रिटेलजिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था ऊपर उठी है तथा लोगों की क्रय शक्ति में इजाफा हुआ है, रिटेल उद्योग ने इस संभावना का इस तरह दोहन किया है कि वह रोजगार दिलवाने वाला दूसरा सबसे बड़ा उद्योग बन गया है। इस समय पूरे देश में रिटेल उद्योग 2 करोड़ से ज्यादा आउटलेट के माध्यम से 5000 करोड़ रुपए का व्यवसाय हो रहा है। आने वाले दो सालों में रिटेल के क्षेत्र में लगभग 1 लाख नए रोजगार उपलब्ध होंगे जिनके लिए प्रबंधन संस्थानों ने बकायदा रिटेल मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम आरंभ कर युवाओं को नए करियर की नई राह दिखाने का दायित्व भी संभाल लिया है। आने वाले कल में इस क्षेत्र में रोजगार ही रोजगार होगा। स्त्रोत : नईदुनिया अवसर