इंटीरियर डिजाइनिंग
कलात्मक प्रतिभा और सृजनशीलता का संगम
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अशोक जोशी आमतौर पर डिजाइनिंग को कलात्मक प्रतिभा और सृजनशीलता का मिश्रण माना गया है। डिजाइन में कई क्षेत्र शामिल होते हैं जिनमें फैशन डिजाइनिंग, प्रॉडक्ट डिजाइनिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग प्रमुख हैं। फैशन डिजाइनिंग का संबंध परिधान और टेक्सटाइल्स से होता है। प्रॉडक्ट डिजाइनिंग में उत्पादों की डिजाइनिंग की जाती है और ग्राफिक डिजाइनिंग का काम वेबसाइटों, मूवीज, साइनेज आदि से संबंधित होता है, जबकि इंटीरियर डिजाइनिंग के अंतर्गत रहने के स्थान की जिसमें घर, दफ्तर, रिटेल शॉप्स, शोरूम, होटल्स, एयरपोर्ट्स, प्रदर्शनी कक्षों, कॉन्फ्रेंस सेंटर्स, थिएटर्स, टीवी और फिल्म स्टूडियो तथा वाणिज्यिक संस्थान आदि शामिल हैं, की प्लानिंग, ऑर्गेनाइजिंग और मैनजिंग की जाती है। स्थान की डिजाइनिंग का उद्देश्य कार्यक्षमता निर्मित करना तथा सही बजट में सही वातावरण तैयार करना होता है। पिछले कुछ वर्षों से बतौर विशेष कला रूप में इंटीरियर डिजाइनिंग लोकप्रिय हुई है।तब और अबपहले ऑर्किटेक्ट्स खुद आंतरिक और बाह्य सजावट का कार्य करते थे। बाद में लोग अपने घर, दफ्तर और कारखानों की डिजाइन, लेआउट और इंटीरियर के प्लेसमेंट के प्रति जागरूक होने लगे जिससे प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनर्स के लिए करियर निर्माण के नए-नए अवसर तेजी से उपलब्ध होने लगे हैं। |
| इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए चार वर्षीय या सेप्ट अहमदाबाद द्वारा प्रस्तुत 5 वर्षीय प्रोफेशनल प्रोग्राम में प्रवेश का प्रश्न है, उसके लिए छात्रों को 55 प्रश अंकों सहित विज्ञान और अँगरेजी विषयों के साथ 12वीं पास होना चाहिए। |
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हर क्षेत्र के लिए अलग इंटीरियर डिजाइनरअधिकांश इंटीरियर डिजाइनर किसी खास क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं। उदाहरण के लिए कुछ अपनी सुविज्ञता बिजनेस डिजाइन में प्रदर्शित करते हैं तो कुछ किसी विशेष कक्ष यथा रसोईघर या बाथरूम की डिजाइन के उस्ताद होते हैं। ग्राहकों की रुचि, आवश्यकताओं और बजट को ध्यान में रखते हुए इंटीरियर डिजाइनर भाररहित आंतरिक निर्माण की ड्राइंग और विशिष्टितियाँ तैयार करते हैं। इसमें दीवारों, फर्शों, छतों की पसंद तथा सज्जा, फर्नीचर और अन्य अंदरुनी सामग्रियों की जमावट, विंडो ट्रीटमेंट, लाइटिंग तथा विजुअल और साउंड इफेक्ट्स पर नियंत्रण शामिल है।क्षमता से मिलती है सफलताइंटीरियर डिजाइनर्स की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे अपने ग्राहकों को कितना संतुष्ट कर पाते हैं। इसके लिए उनमें कलात्मकता, तकनीकी पारस्परिकता और प्रबंधकीय कौशल का होना आवश्यक है, क्योंकि उन्हें अपने विचारों तथा आवश्यकताओं से ग्राहकों को अवगत कराना होता है साथ ही बिल्डर्स और इलेक्ट्रिशियन आदि से भी तालमेल स्थापित करना पड़ता है। उन्हें शिल्प की आधुनिक और पुरानी शैलियों, कम्प्यूटर एडेड डिजाइन कौशल, कला संबंधी कार्यों, भवन सामग्रियों तथा अधोसंरचनाओं, टेक्सचर और लाइटिंग का उच्चस्तरीय ज्ञान होना चाहिए। उन्हें बजट का आकलन करने के लिए डिजाइन की लागत निकालते आना चाहिए। उनकी दृष्टि अच्छी एवं रंगों की परख होनी चाहिए, उसके अलावा उन्हें ग्राहकों का आत्मविश्वास बढ़ाने और कई बार आलोचना सुनने लायक भी होना चाहिए। जहाँ तक इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए चार वर्षीय या सेप्ट अहमदाबाद द्वारा प्रस्तुत 5 वर्षीय प्रोफेशनल प्रोग्राम में प्रवेश का प्रश्न है, उसके लिए छात्रों को 55 प्रश अंकों सहित विज्ञान और अँगरेजी विषयों के साथ 12वीं पास होना चाहिए। हर छोटे-बड़े शहरों में पार्टटाइम एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं, साथ ही कई निजी संस्थानों द्वारा इंटीरियर डिजाइनिंग के सर्टिफिकेट कोर्स चलाए जाते हैं जिनमें सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट शैक्षणिक योग्यता प्राप्त छात्र प्रवेश ले सकते हैं।स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
तेजी से बढ़ते अवसरइंटीरियर डिजाइन एक तेजी से बढ़ता प्रोफेशनल क्षेत्र है। विभिन्ना क्षेत्रों में इंटीरियर डिजाइनरों के लिए ढेर सारे अवसर उपलब्ध हैं। इंटीरियर डिजाइनर्स आर्किटेक्ट्स या आर्किटेक्चरल फर्मों, बिल्डर्स, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, होटल और रिसॉर्ट चेंस, हॉस्पिटल, टाउन प्लानिंग ब्यूरो, रीजनल और मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट वर्क्स, प्राइवेट कंसल्टेंसियों, स्टूडियो और थिएटर तथा प्रदर्शनी आयोजनकर्ताओं के यहाँ रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। नई संरचनाओं के अलावा इंटीरियर डिजाइनर्स मौजूदा संरचनाओं के नवीनीकरण, विस्तार या पुनरुद्वार का काम कर सकते हैं। साथ ही खुद अपनी फर्म स्थापित कर न्यूनतम निवेश कर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। पैसा भी भरपूरइंटीरियर डिजाइनर्स की आय उनके डिजाइनिंग कार्य पर निर्भर करती है। फिर भी शुरुआती वेतन 5 हजार से 8 हजार मासिक से बढ़कर 50 हजार रु. से 75 हजार रु. मासिक तक इनको मिल सकता है। स्वयं का व्यवसाय करने वालों के लिए कोई सीमा नहीं है। बढ़ती जा रही है इंटीरियर डिजाइनर्स की माँगआधुनिक युग में 'घर' की अवधारणा में काफी बदलाव आया है। अब घर केवल रेत-चूने और कवेलुओं से बना सिर छिपाने का आशियाना मात्र नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सौन्दर्य-बोध के दर्शन भी होने लगे हैं। घर हो या दफ्तर, सभी बाहर से जितना आकर्षक दिखाई दे वह अंदर से भी उतना ही आकर्षक और सुविधाजनक होने की सभी कामना करते हैं। इस माँग का सबसे अच्छा पक्ष यह है कि अब इसके लिए ज्यादा सिर खपाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इस कार्य के लिए अब इंटीरियर डिजाइनर्स पूरी तरह से तैयार हैं, जो खाली स्थान को उपयोगी बनाते हैं साथ ही आकर्षक स्वरूप भी प्रदान करते हैं। बढ़ रही है इंटीरियर डिजाइनिंग पाठ्यक्रमों की लोकप्रियताइंटीरियर डिजाइनर को बदलती हुई प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और लेटेस्ट स्टाइल्स के प्रति अपडेट होना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों से बतौर पाठ्यक्रम इंटीरियर डिजाइनिंग खासा लोकप्रिय हुआ है। फिर भी ऐसे गिनती के ही संस्थान हैं, जो इंटीरियर डिजाइनिंग में ख्यातिप्राप्त पाठ्यक्रम संचालित करते हैं। स्कूल ऑफ इंटीरियर डिजाइन, अहमदाबाद द्वारा इंटीरियर डिजाइनिंग में पाँच वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है, जबकि जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स मुंबई में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) का चार वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। अन्य करियर की तुलना में इंटीरियर डिजाइनिंग करियर के लिए इस क्षेत्र की सृजनात्मक प्रतिभा के साथ-साथ स्ट्रांग एप्टिप्यूट जरूरी है।स्त्रोत : नईदुनिया अवसर