फिल्म ‘शाहिद’ मानवाधिकार कार्यकर्ता और लॉयर शाहिद आज़मी की सच्ची कहानी पर आधारित है। एक निडर वकील बनने से पहले शाहिद को आतंकवादियों से संबंधों के आरोप में जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद वह सच के लिए अपनी आवाज बुलंद करने वाला शख्स बन जाता है। फिल्म एक सामान्य मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन के संघर्षों की प्रेरणास्पद कहानी कहती है।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें