बैनर : सोहैल खान प्रोडक्शन्स, यूटीवी स्पॉट बॉय निर्माता : रॉनी स्क्रूवाला, सोहैल खान निर्देशक : प्रेम आर. सोनी संगीत : साजिद-वाजिद कलाकार : सलमान खान, करीना कपूर, सोहैल खान, विशेष भूमिका - प्रीति जिंटा
’मैं और मिसेस खन्ना’ की कहानी तीन लोगों और उनकी जिंदगी के प्रति नजरिये के इर्दगिर्द घूमती है। समीर (सलमान खान) को पसंद नहीं है कि पत्नी घर से बाहर जाकर काम करें और पैसा कमाएँ। उसका मानना है कि यह काम पुरुषों का है। साथ ही वह सोचता है कि बेहतर जिंदगी के लिए सफलता और पैसा बहुत जरूरी है।
रैना (करीना कपूर) एक अनाथालय में पली-बढ़ी है। जिस प्यार की उसे तलाश रहती है, वो उसे समीर में मिलता है। समीर उसे बेहद चाहता है और दोनों खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। रैना का मानना है कि बेहतर जिंदगी के लिए धन की नहीं बल्कि प्यार, वफादारी, आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की ज्यादा जरूरत होती है।
आकाश (सोहैल खान) को हर आने-जाने वाली लड़की से प्यार हो जाता है। उसका मानना है कि मौज-मस्ती का ही दूसरा नाम बेहतर जिंदगी है। रैना से मिलकर आकाश की जिंदगी बदल जाती है। पहली बार उसे प्यार का अहसास होता है। प्यार के मायने पता चलते हैं। रैना को पाने के लिए वह कुछ भी करने के लिए तैयार है।
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तीनों किरदार जिंदगी के अनोखे मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ उन्हें जिंदगी के बारे में निर्णायक फैसला लेना है। समीर को दूसरे शहर में एक अच्छा ऑफर मिलता है। वह सोच में डूबा है कि क्या वह उसी शहर में रहे, जहाँ उसे नाम और दाम मिला है या फिर नए शहर जाकर नए सिरे से शुरुआत करे ताकि ज्यादा सफलता और पैसा कमा सके।
रैना सोच में डूबी है कि वह अपने पति को प्राथमिकता दे जो उसके प्यार और विश्वास के बावजूद उसे छोड़ दूसरे शहर जा रहा है या अपने नए दोस्त आकाश को महत्व दे जिस पर उसे विश्वास है।
आकाश को फैसला लेना है कि विवाहित रैना के प्रति उसका लगाव प्यार है या वासना। क्या विवाहित महिला से दिल लगाना सही है। इसी के साथ शुरू होता है वैचारिक व मानसिक द्वंद्व।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें