कहानी गुडि़या की
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निर्देशक : प्रभाकर शुक्ला
संगीत : विवेक प्रकाश
कलाकार : दिव्या दत्ता, आरिफ ज़कारिया, सीमा बिस्वास, अखिलेंद्र मिश्रा
‘कहानी गुडि़या की’ की कहानी गुडि़या (दिव्या दत्ता) के इर्दगिर्द घूमती है। गुडि़या की शादी आरिफ से होती है, जो एक सैनिक है। शादी के दस दिनों बाद आरिफ को मातृभूमि की रक्षा के लिए युद्ध में भाग लेने के लिए कारगिल जाना पड़ता है। गुडि़या इस बात से निराश नहीं है, बल्कि उसको अपने पति पर गर्व है।
दिन गुजरते जाते हैं, लेकिन आरिफ के बारे में कोई खबर नहीं मिलती। आरिफ के साथियों को भी ये पता नहीं है कि आरिफ कहाँ है? आखिरकार आरिफ को लापता मान लिया जाता है।
गुडि़या, आरिफ का इंतजार करती है। चार वर्ष बीत जाते हैं, लेकिन आरिफ के बारे में कुछ पता नहीं चलता। आखिर गुडि़या की उम्मीद भी टूट जाती है।
परिस्थिति को स्वीकार कर गुडि़या आरिफ के चचेरे भाई तौफीक से शादी कर लेती है। तौफीक और गुडि़या की शादी को दो वर्ष बीत जाते हैं और गुडि़या बच्चे को जन्म देने वाली होती है, लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। अचानक आरिफ का पता चल जाता है। उसे पाकिस्तानी फौज ने पकड़ लिया था। उसकी वापसी एक हीरो के रूप में होती है।
गुडि़या विचित्र परिस्थितियों में फँस जाती है। आरिफ को सारा घटनाक्रम पता चलता है, लेकिन वह अपनी पत्नी को वापस चाहता है। गुडि़या ने हालाँकि तौफीक से शादी की है और उसे संतान भी होने वाली है, लेकिन शरीयत के नियम के मुताबिक गुडि़या को आरिफ के पास वापस जाना होगा।
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