ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन में हिस्सा लेने आए संगीत आदेश श्रीवास्तव ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि फिल्मों की तरह म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन भी होना चाहिए।
मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले आदेश वर्तमान फिल्म संगीत से नाराज दिखें, लेकिन इसके लिए उन्होंने फिल्म निर्माता, निर्देशक और हीरो को भी दोषी माना। उनका कहना है कि संगीतकारों को काम की स्वतंत्रता नहीं दी जाती है और उन्हें सीडी थमाकर कॉपी करने के लिए कहा जाता है।
प्रकाश झा की ‘राजनीति’ में संगीत दे रहे आदेश का कहना है कि ज्यादातर फिल्म निर्देशकों को भी संगीत की समझ नहीं है, इसलिए भी वर्तमान में मधुर गीत कम सुनने को मिल रहे हैं। साथ ही फिल्म उद्योग भेड़चाल के लिए प्रसिद्ध है। एक गाना हिट होते ही सारे लोग वैसे ही गाने बनाने लगते हैं।
पाइरेसी के कारण संगीत जगत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बारे में आदेश का मानना है कि कंपनी की नीतियाँ इसके लिए जिम्मेदार है। साथ ही आम लोगों को भी इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें