सिनेमाघरों में फिल्मों का रिलीज होना और एक हफ्ते के भीतर स्क्रीन से उतर जाना आज के दौर में आम बात हो गई है। लेकिन जब कंटेंट में दम हो और निर्देशन की कमान इम्तियाज अली जैसे कल्ट फिल्ममेकर के हाथों में हो, तो बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदल जाते हैं।
12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला था। लेकिन फिल्म देखकर सिनेमाघरों से बाहर निकल रहे दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया के बाद यह फिल्म धीरे-धीरे अपनी पैठ बनाते जा रही है।
प्यार, जुदाई, विभाजन का दर्द और अपनों की तलाश जैसे गहरे जज्बातों को समेटे इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत के बावजूद जनता से फिल्म को बहुत तगड़ा वर्ड ऑफ माउथ मिला। इसके बाद थिएटर्स में लगातार भीड़ उमड़ रही है।
दूसरे हफ्ते में दोगुने हुए शोज
आमतौर पर रिलीज के दूसरे हफ्ते में फिल्मों के शोज़ कम होने लगते हैं, खासकर तब जब वीकेंड पर नई फिल्में रिलीज हुई हों। लेकिन इस फिल्म के मामले में स्थिति बिल्कुल उलट है। नए कॉम्पिटिशन के बावजूद दर्शकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए डिस्ट्रिब्यूटर्स और थिएटर मालिकों ने 'मैं वापस आऊंगा' के शोज़ बढ़ाने का फैसला किया है।
निर्देशक इम्तियाज अली ने उत्साह जाहिर करते हुए कहा कि पहले शुक्रवार की तुलना में रिलीज के एक हफ्ते बाद वाले शुक्रवार को फिल्म का कलेक्शन लगभग दोगुना हो गया है, जो कि बेहद दुर्लभ है।
'मैं वापस आऊंगा' की भारी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहर में सुबह 6:50 बजे का अर्ली मॉर्निंग शो शुरू करना पड़ा है। वहीं हैदराबाद के 'अल्लू सिनेप्लेक्स एलएलपी' के सीनियर मैनेजर बॉबी के अनुसार, शुरुआती मांग को देखते हुए जहां उन्होंने केवल 7 शोज़ की प्लानिंग की थी, वहीं दर्शकों के भारी दबाव के कारण उन्हें शोज़ की संख्या बढ़ाकर 13 करनी पड़ी।
फिल्म की एक और सबसे बड़ी यूएसपी इसका संगीत है। 'अमर सिंह चमकीला' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद एक बार फिर इम्तियाज अली, संगीत उस्ताद ए.आर. रहमान और गीतकार इरशाद कामिल की तिकड़ी ने कमाल कर दिया है। 'टिप्स म्यूजिक' पर रिलीज हुए फिल्म के गाने जैसे 'क्या कमाल है' और 'तेरे पास मैं' संगीत प्रेमियों के बीच काफी सुने जा रहे हैं।
एपलाज एंटरटेनमेंट, बिड़ला स्टूडियोज और विंडो सीट फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म यह साबित करती है कि संजीदा और गंभीर सिनेमा को आज भी दर्शक बड़े चाव से देखते हैं। फिल्म में मौजूद एक खास तरह का 'नॉस्टेल्जिया' एक विशिष्ट वर्ग के दर्शकों को गहराई से जोड़ रहा है। थिएटर्स में दर्शकों की लगातार उत्साहजनक उपस्थिति को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'मैं वापस आऊंगा' आने वाले हफ्तों में भी बॉक्स ऑफिस पर लंबी टिकने वाली है।
'मैं वापस आऊंगा' की कहानी दो अलग-अलग टाइमलाइंस पर चलती है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह एक ऐसे बुजुर्ग का किरदार निभा रहे हैं जो डिमेंशिया से जूझ रहे हैं, लेकिन उनके दिलो-दिमाग में 78 साल पुराना भारत-पाकिस्तान विभाजन का दौर और उनकी अधूरी मोहब्बत आज भी जिंदा है।
फ्लैशबैक की इस कहानी में वेदांग रैना और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जिनकी केमिस्ट्री को दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं। वहीं वर्तमान के दौर में दिलजीत दोसांझ उनके पोते की भूमिका में हैं, जो अपने दादा की इस अधूरी प्रेम कहानी को पूरा करने और उनके अतीत के बिखरे पन्नों को समेटने का जरिया बनते हैं।