जीतेन्द्र और तुषार कपूर ने मुंबई की 11 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग 559 करोड़ रुपये में बेची
बॉलीवुड अभिनेता जीतेन्द्र और उनके बेटे तुषार कपूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई फिल्म नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का रियल एस्टेट सौदा है। दोनों ने मुंबई के उपनगरीय इलाके चांदीवली में स्थित अपनी एक बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी जापान की नामी कंपनी को बेच दी है।
यह सौदा 559 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है और इससे साफ है कि कपूर परिवार सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी मजबूत पकड़ रखता है।
जापानी कंपनी ने खरीदी 11 मंजिला इमारत
प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक, जापान की NTT ग्रुप से जुड़ी कंपनी NTT ग्लोबल डेटा सेंटर ने यह संपत्ति खरीदी है। यह सौदा बालाजी आईटी पार्क में स्थित एक ग्राउंड प्लस 10 मंजिला यानी कुल 11 मंजिला इमारत के लिए हुआ है, जिसे DC-10 बिल्डिंग के नाम से जाना जाता है।
इस इमारत का कुल क्षेत्रफल करीब 30,195 वर्ग मीटर है और इसमें पहले से एक डेटा सेंटर संचालित हो रहा है। इसके साथ ही सौदे में एक अलग चार मंजिला डीज़ल जनरेटर स्ट्रक्चर भी शामिल है, जो डेटा सेंटर की जरूरतों के लिए अहम माना जाता है।
किस कंपनी के नाम थी यह प्रॉपर्टी
यह कमर्शियल संपत्ति तुषार इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर थी, जिसमें तुषार कपूर की हिस्सेदारी है। वहीं, जीतेन्द्र की कंपनी Pantheon बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई है। रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Square Yards ने साझा किए हैं। जानकारी के मुताबिक, इस डील का रजिस्ट्रेशन 9 जनवरी को पूरा किया गया।
इस सौदे की एक खास बात यह भी है कि सरकार के 2024 के एक प्रस्ताव के तहत इस बिक्री पर कोई स्टांप ड्यूटी नहीं लगाई गई। हालांकि, इस ट्रांजैक्शन पर 5.59 लाख रुपये का मेट्रो सेस जरूर चुकाया गया है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर से जुड़ी प्रॉपर्टी में विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है और यही वजह है कि ऐसे सौदों को सरकारी स्तर पर भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
इससे पहले भी हुआ था बड़ा रजिस्ट्रेशन
कंसल्टेंट के अनुसार, इसी तरह का एक और बड़ा सौदा मई 2025 में रजिस्टर हुआ था, जिसकी वैल्यू करीब 855 करोड़ रुपये बताई गई थी। इससे साफ है कि मुंबई के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में बड़े निवेशकों और विदेशी कंपनियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है।