सलमान खान साहब, अब आपसे न हो पाएगा, गलवान के टीजर ने किया फैंस को निराश
सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म बैटल ऑफ गलवान का टीज़र रिलीज किया गया। मकसद साफ है, देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय जवानों के साहस और बलिदान को सलाम करना। टीज़र की थीम गंभीर है, विषय संवेदनशील है और घटना ऐतिहासिक, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या सलमान खान इस किरदार के साथ न्याय कर पाए?
भारतीय सेना के अफसर के रोल में सलमान, लेकिन लुक बना सबसे बड़ी कमजोरी
टीजर में सलमान खान एक भारतीय सेना के अफसर के रूप में नजर आते हैं, लेकिन पहली ही झलक में उनका लुक खटकने लगता है। वह न तो फिजिकली फिट दिखते हैं और न ही उस चुस्ती-फुर्ती में नजर आते हैं, जो एक सक्रिय सैन्य अधिकारी से अपेक्षित होती है। बढ़ा हुआ वजन और भारी-भरकम बॉडी फ्रेम किरदार की गंभीरता को कमजोर कर देता है।
अभिनय में भी वही पुराना सलमान, किरदार गायब
सिर्फ लुक ही नहीं, अभिनय के स्तर पर भी सलमान टीज़र में कोई खास छाप नहीं छोड़ पाते। कुछ सेकंड के फुटेज में ही यह साफ झलकता है कि वह सैनिक हों या दबंग, उनका एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज लगभग एक जैसी ही रहती है। ऐसा लगता है जैसे सलमान अपने स्टारडम के खोल से बाहर निकलने की हिम्मत ही नहीं कर पा रहे।
आज के दौर में दर्शक सिर्फ स्टार नहीं, किरदार में ढले कलाकार देखना चाहते हैं। चाहे वह फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन हो, डायलॉग डिलीवरी या स्क्रीन प्रेजेंस, यहां सलमान पिछड़ते नजर आते हैं। यही वजह है कि उनका यह अवतार आउटडेटेड सा महसूस होता है।
कहानी की गंभीरता बनाम सलमान की मौजूदगी
बैटल ऑफ गलवान सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं है। यह उस टकराव की कहानी है जिसने देश को झकझोर दिया। यह फिल्म बहादुरी, बलिदान और इस कड़वी सच्चाई की बात करती है कि असली जीत शांति में होती है।
ऐसे गंभीर विषय पर बनी फिल्म में मुख्य किरदार का कमजोर प्रभाव पूरी कहानी पर सवाल खड़े करता है। टीज़र देखकर यही लगता है कि इतनी महत्वपूर्ण घटना को पर्दे पर उतारते वक्त सलमान खुद ही सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रहे हैं।
टीज़र से फैसला नहीं, लेकिन संकेत जरूर मिलते हैं
यह कहना गलत होगा कि सिर्फ टीज़र देखकर पूरी फिल्म का मूल्यांकन कर लिया जाए। फिल्म रिलीज होने में अभी वक्त है और हो सकता है आगे के हिस्सों में सलमान चौंकाएं। लेकिन टीज़र किसी भी फिल्म की दिशा और टोन तय करता है, और यहां से जो संकेत मिलते हैं, वे ज्यादा उत्साहजनक नहीं हैं।
अपूर्व लाखिया का निर्देशन और बाकी टीम
फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है, जो इससे पहले भी गंभीर और रियलिस्टिक विषयों को संभाल चुके हैं। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। बैटल ऑफ गलवान को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।
इरादा नेक है, कहानी मजबूत है, लेकिन सवाल यही है, क्या सलमान खान इस बार अपने किरदार से ऊपर उठ पाएंगे, या फिर यह फिल्म भी उनके स्टारडम के बोझ तले दब जाएगी?