ऐश्वर्या की बेटी भी बनेगी हीरोइन?
बच्चन परिवार के मूल्य वही हैं, जो कभी कपूर खानदान के हुआ करते थे, यानी बेटा तो हीरो बनेगा, मगर बिटिया हीरोइन नहीं बनेगी। कपूर खानदान की इस अड़ को तोड़ा करिश्मा कपूर ने। करिश्मा ने साबित किया कि वे राज कपूर की पोती नहीं बबिता की बेटी हैं। वहीं बाद में करीना ने साबित किया और करीना आज नंबर वन हीरोइन हैं।
नंबर वन का ताज किसी कपूर बेटे ने नहीं पहना, मगर करीना के कारण कपूर खानदान का परचम बुलंद है। फिलहाल तो अमिताभ बच्चन ने अपनी पोती का फोटो जारी करने से मना कर दिया है, पर क्या वे अपनी उसी पोती को हीरोइन बनने से रोक पाएँगे? ऐश्वर्या की बेटी फिलहाल ऐश्वर्या की बेटी कम है और अमिताभ की पोती ज्यादा है। मगर ऐसा हमेशा तो नहीं रहने वाला।
बहुत से लोग चाहते हैं कि उनके नाती-पोतों को दुनिया देखे। बहुत से लोग तो अपने बच्चे के जन्मदिन पर गिरह से पैसे देकर उसकी तस्वीर अखबार में छपवाते हैं। अगर अमिताभ अपनी पोती की तस्वीर जारी कर देते तो कुछ बिगड़ नहीं जाता।
हर माँ चाहती है कि उसके बच्चे को लोग देखें, प्यार करें, सराहें। अगर ऐश्वर्या से पूछा जाता तो वे जरूर अपनी बेटी की तस्वीर सार्वजनिक कर देतीं। बच्चा हर महिला को सृजन का सुख देता है। हर कोई चाहता है कि उसका सृजन सराहा जाए।
अंदरखाने की बात नहीं पता, मगर तस्वीर जारी न करने का फैसला जरूर अमिताभ का रहा होगा। बच्ची की तस्वीर जारी होने से किसी को कुछ नुकसान होने वाला नहीं है। पता नहीं क्यों अमिताभ इसे इतना पर्सनल रखना चाहते हैं। शायद इसीलिए कि फिलहाल वो बच्ची ऐश्वर्या की बेटी कम और अमिताभ की पोती ज्यादा हैं। मगर कब तक?
ट्विंकल खन्ना एक वक्त तक राजेश खन्ना की बिटिया रहीं, मगर बाद में वे डिंपल की बेटी बनीं और फिल्मों में आईं। ईशा देओल एक वक्त तक धर्मेंद्र की बेटी और सन्नी देओल की बहन रहीं। मगर बाद में वे हेमामालिनी की बिटिया साबित हुईं और फिल्मों में आ रही हैं, कहना चाहिए कि कामयाबी के लिए मरी जा रही हैं।
अमिताभ ने अपनी बेटी श्वेता को फिल्मों में नहीं आने दिया। यह बहाना गलत है कि श्वेता हीरोइन मटेरियल नहीं थीं। इस कसौटी पर परखा जाए तो अभिषेक ही कौनसे हीरो मटेरियल हैं? मगर अमिताभ का बेटा फिल्मों में आ सकता है बेटी नहीं।
पूछने जाइएगा तो जवाब मिलेगा कि वे खुद ही नहीं आना चाहती थीं। मेंढक के बच्चे को पानी से कितना ही दूर रखो, वो पानी ढूँढ लेता है। हालाँकि बात दूर की है, मगर हम अंदाजा तो लगा ही सकते हैं कि अठारह बरस बाद क्या हो सकता है? अठारह बरस बाद ऐश्वर्या अपनी बेटी को हीरोइन बनाने का अभियान छेड़ सकती हैं और वो सब कुछ कर सकती हैं, जो अभी हेमामालिनी कर रही हैं।
कुछ बरस बाद जब मीडिया अपनी तवज्जो बच्चन परिवार से हटा लेगा, तो जिस मीडिया की कथित दखलअंदाजी बच्चन परिवार को खल रही है, उसी मीडिया की उपेक्षा बुरी लगने लगेगी। फिर खुद ही प्रेस को बुलाएँगे और ऐलान करेंगे कि हमारी बिटिया फिल्मों में आ रही हैं।
ध्यान से न्यूज़ चैनल देखे जाएँगे कि किस चैनल ने कितना कवरेज दिया है। सेलिब्रेटी होना एक नशा है। इस नशे से ज्यादा दिन दूर नहीं रहा जा सकता। देखिए माधुरी दीक्षित लौट आई हैं। बच्चन परिवार अपनी पोती की सूरत कितने दिन छुपा सकता है।
नंबर वन का ताज किसी कपूर बेटे ने नहीं पहना, मगर करीना के कारण कपूर खानदान का परचम बुलंद है। फिलहाल तो अमिताभ बच्चन ने अपनी पोती का फोटो जारी करने से मना कर दिया है, पर क्या वे अपनी उसी पोती को हीरोइन बनने से रोक पाएँगे? ऐश्वर्या की बेटी फिलहाल ऐश्वर्या की बेटी कम है और अमिताभ की पोती ज्यादा है। मगर ऐसा हमेशा तो नहीं रहने वाला।
बहुत से लोग चाहते हैं कि उनके नाती-पोतों को दुनिया देखे। बहुत से लोग तो अपने बच्चे के जन्मदिन पर गिरह से पैसे देकर उसकी तस्वीर अखबार में छपवाते हैं। अगर अमिताभ अपनी पोती की तस्वीर जारी कर देते तो कुछ बिगड़ नहीं जाता।
हर माँ चाहती है कि उसके बच्चे को लोग देखें, प्यार करें, सराहें। अगर ऐश्वर्या से पूछा जाता तो वे जरूर अपनी बेटी की तस्वीर सार्वजनिक कर देतीं। बच्चा हर महिला को सृजन का सुख देता है। हर कोई चाहता है कि उसका सृजन सराहा जाए।
अंदरखाने की बात नहीं पता, मगर तस्वीर जारी न करने का फैसला जरूर अमिताभ का रहा होगा। बच्ची की तस्वीर जारी होने से किसी को कुछ नुकसान होने वाला नहीं है। पता नहीं क्यों अमिताभ इसे इतना पर्सनल रखना चाहते हैं। शायद इसीलिए कि फिलहाल वो बच्ची ऐश्वर्या की बेटी कम और अमिताभ की पोती ज्यादा हैं। मगर कब तक?
ट्विंकल खन्ना एक वक्त तक राजेश खन्ना की बिटिया रहीं, मगर बाद में वे डिंपल की बेटी बनीं और फिल्मों में आईं। ईशा देओल एक वक्त तक धर्मेंद्र की बेटी और सन्नी देओल की बहन रहीं। मगर बाद में वे हेमामालिनी की बिटिया साबित हुईं और फिल्मों में आ रही हैं, कहना चाहिए कि कामयाबी के लिए मरी जा रही हैं।
अमिताभ ने अपनी बेटी श्वेता को फिल्मों में नहीं आने दिया। यह बहाना गलत है कि श्वेता हीरोइन मटेरियल नहीं थीं। इस कसौटी पर परखा जाए तो अभिषेक ही कौनसे हीरो मटेरियल हैं? मगर अमिताभ का बेटा फिल्मों में आ सकता है बेटी नहीं।
पूछने जाइएगा तो जवाब मिलेगा कि वे खुद ही नहीं आना चाहती थीं। मेंढक के बच्चे को पानी से कितना ही दूर रखो, वो पानी ढूँढ लेता है। हालाँकि बात दूर की है, मगर हम अंदाजा तो लगा ही सकते हैं कि अठारह बरस बाद क्या हो सकता है? अठारह बरस बाद ऐश्वर्या अपनी बेटी को हीरोइन बनाने का अभियान छेड़ सकती हैं और वो सब कुछ कर सकती हैं, जो अभी हेमामालिनी कर रही हैं।
कुछ बरस बाद जब मीडिया अपनी तवज्जो बच्चन परिवार से हटा लेगा, तो जिस मीडिया की कथित दखलअंदाजी बच्चन परिवार को खल रही है, उसी मीडिया की उपेक्षा बुरी लगने लगेगी। फिर खुद ही प्रेस को बुलाएँगे और ऐलान करेंगे कि हमारी बिटिया फिल्मों में आ रही हैं।
ध्यान से न्यूज़ चैनल देखे जाएँगे कि किस चैनल ने कितना कवरेज दिया है। सेलिब्रेटी होना एक नशा है। इस नशे से ज्यादा दिन दूर नहीं रहा जा सकता। देखिए माधुरी दीक्षित लौट आई हैं। बच्चन परिवार अपनी पोती की सूरत कितने दिन छुपा सकता है।

