Daily Horoscope
✕

कुछ भी मिल जाए, चैन कहां!

Updated: गुरुवार, 22 सितम्बर 2016 (13:01 IST)
- जॉर्जिना केनियॉन (बीबीसी कैपिटल)
 
इंसान के पास जो कुछ है उससे वो कभी खुश नहीं होता। ये उसकी फितरत है। उसे हमेशा जो नहीं है, उसे पाने की चाह रहती है। अब नौकरीपेशा लोगों को ही ले लें। जो लोग 9 से 5 की शिफ्ट में काम करते हैं, उन्हें लगता है कि वो लोग कितने खुशनसीब हैं जो शिफ्टों में काम करते हैं। वो ऑफिस के काम भी कर लेते हैं और अपनी निजी ज़िंदगी का भी भरपूर मज़ा लेते हैं।
इसी तरह जो लोग शिफ्ट में काम करते हैं, उनका दर्द यही होता है कि काश उन्हें भी स्थाई घंटों में काम करने का मौक़ा मिल जाए तो तरह-तरह की शिफ्ट करने से उन्हें छुटकारा मिल जाए। कुल मिलाकर इंसान को चैन किसी तरह भी नहीं है।
 
आज दौर बदल रहा है। लोगों को उनकी सुविधा के हिसाब से घंटों में आकर काम करने का मौक़ा दिया जा रहा है। क्योंकि इंटरनेट की वजह से सारी दुनिया एक दूसरे से जुड़ गई है। हर वक्त ही किसी ना किसी देश में बिज़नेस चल रहा होता है। ऐसे में कंपनियों को भी हर समय काम करने वाले लोग चाहिए। मुलाज़िमों को ये सुविधा तक दी जाती है कि आप ऑफिस का काम ऑफिस में निपटा लीजिए। बाक़ी मेल वगैरह का काम अपने घर से भी पूरा कर सकते हैं।
 
कई बार काम करने की ये आज़ादी पाने वाले लोगों में एक जुर्म का एहसास पैदा होने लगता है कि कंपनी उन्हें इतनी छूट दे रही है। इसीलिए उन्हें भी कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। हो सके तो कंपनी के लिए कुछ ज़्यादा घंटों तक काम किया जाए।
 
ब्रिटेन की केंट यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर हीजंग चुंग ने इस बारे में एक रिसर्च की। उन्होंने पाया कि काम के परंपरागत घंटों में दफ़्तर आने वाले लोगों की तुलना में वो लोग औसतन चार घंटे ज़्यादा काम कर रहे थे, जिन्हें कभी भी दफ़्तर आकर काम करने की आज़ादी हासिल थी। कर्मचारियों को लगता है कंपनी ने उन्हें उनकी मर्जी से काम के घंटे चुनने का अधिकार दिया है, तो उन्हें भी खुद को साबित करना चाहिए। इसीलिए वो ज़्यादा देर तक काम करते हैं।
 
चुंग कहते हैं काम के घंटों पर जितना ज्यादा आपका कंट्रोल रहेगा, आपकी परेशानी उतनी ही ज़्यादा बढ़ी रहेगी। आपके ज़ेहन में हर वक़्त काम ही काम घूमता रहेगा। लीड्स यूनिवर्सिटी बिज़नेस स्कूल की प्रोफेसर जैनिफर टॉमलिंसन कहती हैं कि पार्ट टाइम नौकरी करना, मर्ज़ी के मुताबिक़ ऑफिस आना या घर से काम पूरा करना एक चलन बन चुका है।
 
जिन देशों ने इस चलन को बख़ूबी अपनाया है, वहां लोग किसी तरह का कोई दबाव महसूस नहीं करते। बल्कि, वो इसी लाइफ़ स्टाइल के आदी हो जाते हैं। फ्रांस, डेनमार्क, स्वीडन और नीदरलैंड ऐसे देश हैं जहां घंटों के हिसाब से मुलाज़िमों को पैसे दिए जाते हैं। यहां ऑफिस में बैठकर काम करना उतना ज़रूरी भी नहीं। कंपनी को सिर्फ काम से मतलब होता है।
 
अब चाहे आप उसे घर बैठकर करें या ऑफिस में आकर पूरा करें। अमेरिका में तो ये छूट खूब धड़ल्ले से दी जाती है। मन मुताबिक़ घंटों में काम करने के बहुत से फायदे भी हैं। इसमें लोग ज़्यादा क्रिएटिव होकर काम भी करते हैं। जैसे अगर किसी परिवार में मां और बाप दोनों काम करते हैं। तो, ऐसे में उनके लिए ये छूट किसी वरदान से कम नहीं है। अलग शिफ्ट में काम करके दोनों अपने परिवार को भी समय दे सकते हैं और कमाई भी कर सकते हैं।
 
हालांकि बहुत से लोग इस व्यवस्था से नाख़ुश ही हैं। सिडनी के एक इंटरनेशनल बैंक की सीनियर मैनेजर का कहना है कि इस छूट के फ़ायदे होने के बावजूद वो खुश नहीं हैं। उनके मन में एक डर बैठा रहता है कि कहीं नौकरी ना छूट जाए। इसलिए ज़्यादातर लोग ऐसे सेक्टर में जमे रहने चाहते हैं जहां उन्हें जॉब सिक्योरिटी मिलती है।
 
अगर आप भी मनमुताबिक़ घंटों में काम करते हैं और आपके दिल और दिमाग़ में भी किसी तरह के गुनाह का एहसास होता है, तो ये सोच रखने वाले आप अकेले नहीं। आप जैसे बहुत से लोग इस परेशानी से गुज़र रहे हैं।
 
कोशिश यही होनी चाहिए कि आप इस सोच को ज़हन में ना आने दें। आप मनमाफ़िक वक़्त में काम कर रहे हों या 9 से 5 वाली ड्यूटी बजा रहे हों। ये याद रखिए कि आप मेहनत करते हैं और उसका पैसा आपको दिया जाता है। लिहाज़ा किसी भी तरह के एहसास से ऊपर उठ कर बिंदास काम करें और तरक्क़ी की सीढ़ियां चढ़ें।
Show comments

Tiger Shroff Firing Case में मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

Uttarakhand : कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का कार्यक्रम बीच में रुकवाया, मंत्री सुबोध उनियाल ने लगाई फटकार

BSNL यूजर्स ध्यान दें! ऐसे चेक करें रिचार्ज की वैलिडिटी और बचा हुआ डेटा, ये हैं 4 आसान तरीके

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

UP चुनाव 2027 : सर्वे में BJP को बढ़त का दावा, योगी सरकार से 77% संतुष्ट, CM पद के लिए योगी आदित्यनाथ पहली पसंद

सभी देखें

Apple iPhone Duo की प्री-बुकिंग शुरू, Samsung Galaxy Z Fold 8 को मिला फायदा, कीमत 2.99 लाख रुपए

iQOO Pad Pro 8.8 Launch : 9,020mAh बैटरी, एक्टिव कूलिंग फैन और 165Hz OLED डिस्प्ले से होगा लैस

iPhone खरीदने का शानदार मौका, Reliance Digital का बड़ा ऑफर, iPhone 15, 16 और 17 पर भारी छूट

Vivo V80 हुआ लॉन्च, 7200mAh बैटरी और 50MP ZEISS कैमरा, कीमत सुनकर कहेंगे- इतना सस्ता?

Xiaomi 18 Pro Max, Xiaomi 18 Pro Max कीमत, स्पेसिफिकेशन, कैमरा, कब होगा भारत में लॉन्च

अगला लेख