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इस कैंप में आने वाले बच्चे करोड़पति बनते हैं

Written By BBC Hindi
Updated: सोमवार, 16 सितम्बर 2019 (11:35 IST)
- सारा ट्रेलीवेन
टोरंटो के एक चर्च में किराए के कमरे में हसीना लुकमैन की नज़रें शेयर बाजार के सूचकांकों पर लगी हुई हैं। वह वॉल्यूम के बारे में पूछती हैं और फिर बाज़ार पूंजीकरण के बारे में विस्तार से बताती हैं। वहां मौजूद छात्र उनको ध्यान से सुनते हैं। यह कोई नाइट स्कूल या कॉलेज की क्लास नहीं है। लुकमैन एक प्रोजेक्ट मैनेजर हैं जिन्होंने कैंप मिलियनेयर का गठन किया है और वह यहां पढ़ाती भी हैं। उनके पास 10 से 14 साल की उम्र के करीब दर्जनभर बच्चे आते हैं।

वह डिज्नी कंपनी की माली हालत की चर्चा करते हुए कुछ दिन पहले उसके बाज़ार मूल्य में आई गिरावट की बात करती हैं तो एक बच्चा फुसफुसाते हुए कहता है, मुझे यकीन है कि ऐसा अलादीन के आने पर हुआ था। लुकमैन के पास आने वाले बच्चों की पृष्ठभूमि अलग है, लेकिन अधिकतर बच्चे मध्य और उच्च वर्ग के परिवारों के हैं। हफ्तेभर तक चलने वाले कैंप के लिए लुकमैन 275 कनाडाई डॉलर (लगभग 168 पाउंड) लेती हैं। निम्न आय वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति मिलती है।

उनका कहना है कि वे यहां इसलिए नहीं आते क्योंकि वे अमीर बनना चाहते हैं। बच्चे उन परिवारों के हैं जिनमें माता-पिता दोनों काम करते हैं इसलिए उनको पता है कि अच्छी ज़िंदगी के लिए आपको कड़ी मेहनत की ज़रूरत होती है। वे यह सीखने आते हैं कि मैं यह कैसे सुनिश्चित कर सकता हूं कि मेरे पास यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए पर्याप्त पैसे हों और मैं कैसे अपनी ज़िंदगी में खुशहाल रख सकता हूं। जेम्स बेगिन ने स्टॉक मार्केट चैलेंज जीता लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पैसे गंवा दिए।

उद्यमियों की नई पीढ़ी?
हममें से कई लोग अपने बचपन में गर्मी की छुट्टियों को याद करते हैं तो हमारा वक़्त फुटबॉल खेलने, तैरने या नाटक करने में बीतता था। हाल के वर्षों में कई समर कैंप (किताबें और पत्रिकाएं भी) में बच्चों को यह सिखाया जाता है कि पैसे कैसे कमाएं, कैसे बचाएं और कैसे अमीर बनें। पूरे उत्तरी अमेरिका में कैंप मिलेनियर जैसे फाइनेंस कैंप खुल गए हैं। डेनवर में जूनियर मनी मैटर्स है जहां बच्चों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी सिद्धांत सिखाए जाते हैं। ऑस्टिन में मुल्ला यू के कैंप में बच्चे कारोबार खड़ा करते हैं, उत्पाद बनाते हैं और असली पैसों के लिए उनको बेचते हैं।

हांगकांग में किड्स बिज़ एकेडमी के होलीडे कैंप में 8 से 14 साल के बच्चे व्यापार चलाने के गुर सीखते हैं। कोलकाता के यंगप्योनोर में किशोरों को वास्तविक जीवन के सफल उद्यमियों के साथ जोड़ा जाता है। टोरंटो के कैंप मिलिनेयर में बजट, बचत और निवेश निर्णयों के अलावा जटिल वित्तीय अवधारणाओं के बारे में सिखाया जाता है, जैसे कि चीन के साथ व्यापार युद्ध से कनाडा के निवेशक पर क्या असर पड़ेगा। लुकमैन के मुताबिक कम उम्र के बच्चे शेयर बाजार की चुनौतियों को बेहतर समझते हैं। इस तरह के कैंप कई दिलचस्प सवाल उठाते हैं- मसलन, 7 या 13 साल के बच्चे के लिए सही वित्तीय शिक्षा कैसी होनी चाहिए?

माता-पिता अपने बच्चों को जो नैतिक मूल्य सिखाना चाहते हैं, उनमें पैसे बनाने वाली वित्तीय शिक्षा कहां पीछे रह जाती है? क्या इस तरह के कैंप सिर्फ़ वर्ग-आधारित स्थिति को सुदृढ़ करने में मददगार हैं या ये गरीब बच्चों को भी बराबरी पर आने के मौके दे सकते हैं? ऐसे समय में जबकि मां-बाप बच्चों को मिल रही अपार सूचनाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, क्या धन का प्रबंधन और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के बारे में बच्चों को बताना कम उम्र में बहुत ज़्यादा की अपेक्षा करना नहीं है?

अच्छी ज़िंदगी के लिए कड़ी मेहनत
कैंप मिलेनियर का पाठ्यक्रम बढ़ते बच्चों को वित्तीय साक्षरता के लिए प्रोत्साहित करता है। परोपकार और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए पैसे कैसे खर्च किए जाएं, यह भी बताया जाता है। बेशक कैंप में संपत्ति अर्जित करने पर जोर होता है, लेकिन लुकमैन बच्चों को प्रोत्साहित करती हैं कि वे दूसरे देशों में क्या चल रहा है इसे भी जानें समझें।

मसलन, जलवायु परिवर्तन कैसे उनके निवेश को प्रभावित कर सकता है। वह कहती हैं, हम पेरिस में लू के थपेड़ों की बात करते हैं और यह भी कि इसके आपके पोर्टफोलियो के लिए क्या मायने हैं। स्टॉक मार्केट चैलेंज के लिए लुकमैन हर बच्चे को 10 हजार डॉलर की वर्चुअल मनी देती हैं। पहले दिन बच्चे शेयर बाजार की बुनियादी बातें सीखते हैं, जैसे- यह कैसे काम करता है, करेंसी, बाजार खुलने और बंद होने का समय वगैरह। उस दिन वे ज़्यादा सोचे-समझे बिना उन कंपनियों में निवेश करते हैं जिनके नाम से वे परिचित होते हैं, जैसे एप्पल और डिज्नी।

लेकिन कुछ दिनों बाद जब वे डिविडेंड और अन्य प्रासंगिक सूचनाओं से परिचित हो जाते हैं, तब वे निवेश के लिए सावधानी से कंपनियां चुनते हैं। लुकमैन कहती हैं, देखिए कि 5 दिनों में बच्चे कितना कुछ सीख गए हैं। दस साल की एलेक्जांड्रा रीव्स का कहना है कि वह अक्सर इकोनॉमिक्स पॉडकास्ट सुनती हैं और कैंप शुरू होने से पहले उन्होंने एक सस्ते टेक्नोलॉजी स्टॉक की तलाश में बैरोन (अमेरिकी वित्तीय प्रकाशन) में खूब जांच-परख की थी। वह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहती हैं और यह समझने के लिए कैंप मिलेनियर आई हैं कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए पर्याप्त पैसे कैसे बचाए जाएं।

तेरह साल के जेम्स बेगिन ने स्टॉक मार्केट चैलेंज के पहले दिन ब्लॉकचेन में निवेश करके पैसे गंवा दिए। उसके बाद गोल्डन स्टार रिसोर्सेज में निवेश करके उन्होंने रातोंरात 1,000 वर्चुअल डॉलर की कमाई की। कनाडा की इस कंपनी के पास घाना में खदाने हैं। बेगिन का कहना है कि उन्होंने सीखा कि बैंक कैसे पैसे कमाते हैं, लेकिन वह अब भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट से शेयर बाजार कैसे ऊपर-नीचे हो जाता है। वह कहते हैं, यह तो बहुत ही बुरा है कि एक व्यक्ति खरबों डॉलर को प्रभावित कर सकता है।

धन का प्रबंधन
इस प्रवृत्ति को अपने वित्तीय भविष्य के प्रति मध्य वर्ग की चिंताओं का संकेत समझना पूरी तरह सही नहीं है। वित्तीय विशेषज्ञ लिज़ फ्रेज़ियर कहती हैं, क्रेडिट कार्ड कर्ज और पढ़ाई के कर्ज बहुत अधिक हैं और ज़्यादातर वयस्कों के पास रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचत नहीं है। फ्रेज़ियर ने बियॉन्ड पिगी बैंक्स एंड लेमोनेड स्टैंड्स : हाउ टू टीच यंग किड्स अबाउट फाइनेंस किताब लिखी है।

वह कहती हैं, वित्तीय शिक्षा नहीं होने की वजह से ऐसा हो रहा है। मुझे लगता है कि यह एक जीवन कौशल है जो आपको जानना चाहिए। वित्तीय शिक्षा के कुछ समर्थक स्कूली पाठ्यक्रमों में इसे शामिल कराने के लिए प्रयासरत हैं। कुछ लोग इसे गणित के पाठों में शामिल कराना चाहते हैं। लेकिन अब तक बहुत कामयाबी नहीं मिली है। यह कौशल नहीं होने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इलिनॉयस यूनिवर्सिटी ने करीब 3,000 युवा वयस्कों का सर्वे किया तो पता चला कि उनमें से करीब एक तिहाई लोग खराब वित्तीय प्रबंध कौशल के कारण अनिश्चितता में फंसे थे।

आईबीएम में सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट मैनेजर बेंजामिन हुई ने 14 साल की बेटी कियरा को पिछले साल कैंप मिलेनियर भेजा था। कियरा अब अपने पिता को वित्तीय सलाह देती है। बेंजामिन हुई को लगता है कि यह कैंप शिक्षा की खाई को भरने में बहुत मददगार है। वे असल में वित्तीय साक्षरता या पैसे कमाना नहीं सिखाते। बच्चों को विकल्प बनाने और उनसे जुड़े जोख़िम और पुरस्कार को समझने के काबिल होना चाहिए। ख़ासकर स्टॉक मार्केट चैलेंज का विचार उनको बहुत पसंद है, जहां बच्चे अक्सर बड़ी रकम गंवा देते हैं। 10-14 साल के बच्चे इसके अभ्यस्त नहीं होते। हुई कहते हैं, इससे उन्हें जोखिम के नकारात्मक पहलुओं का पता चलता है।

सुरक्षित रहकर सीखिए
यह सिर्फ़ समर कैंप नहीं है। छोटे बच्चों और किशोरों के लिए पैसे की सलाह तेज़ी से कुटीर उद्योग बनता जा रहा है। स्टार्ट-अप पिज़्बे उन्हें नई क्रिप्टो-करेंसी पिगी बैंक पर हाथ आजमाना सिखाता है। टीन बॉस पत्रिका में अपना ब्रांड कैसे तैयार करें जैसे शीर्षक होते हैं। फ्रेज़ियर बताती हैं कि बच्चे पैसे के बारे में सीख रहे हैं भले ही वे इसे जानते हैं या नहीं। माता-पिता को अपने बच्चों के साथ बातचीत में इसे जानबूझकर शामिल करना चाहिए। फाइनेंस कैंप में इसी तरह की बातचीत होती है, इसे सलाह या शिक्षा बताकर इसे बोझिल नहीं किया जाता।

फ्रेज़ियर कहती हैं, आपको बस उनको यह समझाना है कि पैसा एक साधन है। यह अच्छा या बुरा नहीं होता। यह तटस्थ होता है। उन्हें यह सीखने की ज़रूरत है कि पैसा क्यों महत्वपूर्ण है और हम पैसे कैसे कमाएं और फिर उसे कैसे बढ़ाएं। कैंप मिलेनियर के बच्चों ने चक्रवृद्धि ब्याज को समझने में महारत कर ली है। उत्तर अमरीका मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही सौदेबाजी पर चर्चा के तुरंत बाद वे ब्रेक के लिए मैदान में गए और रबर की गेंद से खेलने लगे।

दोपहर बाद वे फिर से टाई-डाई शर्ट में इकट्ठा हुए। पैसे के बारे में उनके विचार कुछ ही देर के लिए थे। शेयरों के साथ खेलने, यूनिवर्सिटी के लिए पैसे कमाने और एक दिन कार खरीदने में सक्षम होने का विचार कई बच्चों को पसंद है। लेकिन उनमें ताक़त या लालच के लिए धन संग्रह की आकांक्षा नहीं है। कैंप मिलेनियर के 16 साल के सलाहकार एब्टिन अब्बासपोर कहते हैं, ज़िंदगी में कुछ पाने के लिए सभी को पैसे की ज़रूरत होती है।

जब आप माता-पिता के सुरक्षित घेरे में हैं तभी यह जान लेना अधिक मायने रखता है। अब्बासपोर इन दिनों कार चलाना सीख रहे हैं। पहले उनकी नज़र बड़ी गाड़ियों के लिए ललचाती थी। अब वह कहते हैं, जब मैं सोचता हूं कि पैसे मेरी जेब से ख़र्च होंगे तो होंडा सिविक मेरे लिए ठीक रहेगा।

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