सम्बंधित जानकारी
- रामलला के जन्म के समय कौनसी घटनाएं घटी थीं?
- अयोध्या में अन्य निर्माणाधीन मंदिरों को दिया जा रहा राम मंदिर का स्वरूप
- Ayodhya Ram Temple : अरुण योगीराज की रामलला की मूर्ति गर्भगृह में होगी स्थापित, 23 जनवरी से आम श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
- प्रभु श्रीराम के होने के 10 प्रमाण, साक्षात हैं मर्यादा पुरुषोत्तम
- भगवान राम का जन्म लाखों वर्ष पहले हुआ या 7414 साल पहले? आखिर क्या है रहस्य
Ram Mandir : अयोध्या धाम में रहेगी हाइटेक सुरक्षा, विश्व की अत्याधुनिक तकनीक से होगी लैस
- अयोध्या की सुरक्षा को लेकर सीएम योगी सख्त
- किसी अभेद्य किले से कम नहीं होगी अयोध्या
- बिना अनुमति के नहीं उतर सकता ड्रोन
साथ ही अयोध्या नगरी की सुरक्षा काफी जबरदस्त होगी, जिसकी ड्रोन विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक का एंटी ड्रोम सिस्टम, जो कि इसराइल की कंपनी के द्वारा बनाया गया है। यह विश्व का अब तक की सबसे आधुनिक तकनीकी का एडवांस एंटी ड्रोन है। इस ड्रोन की खासियत है कि यह किसी भी ड्रोन को कैपचर कर जहां चाहे वहां लैंड करा सकता है, साथ ही कैपचर किए गए ड्रोन की संपूर्ण हिस्ट्री, कि वह किस कंपनी का है, कहां से आया है इत्यादि जानकारी भी देता है।
उन्होंने कहा कि आज के जमाने में ड्रोन अटैक का खतरा सबसे बड़ा खतरा है, इसीलिए नो फ्लाई जोन, रेड जोन बनाए जाते हैं। जिसमें ड्रोन उड़ाना अपराध है, इसी के दृष्टिगत इसको लाया गया है कि यदि कोई इस तरह का हमला करने की कोशिश करता है, ड्रोन से या कोई अन्य ड्रोन फ्लाई करने की कोशिश करता है तो उसे हम बैड करके कहीं भी लैंड करा सकते हैं।
अयोध्या में सुरक्षा के मद्देनजर आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि अयोध्या पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र रही है। सुरक्षा योजना की दृष्टि से हमारे पास सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, पीएसी और सिविल पुलिस मौजूद है। इसमें नई तकनीक का समावेश किया गया है। श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई है।उन्होंने बताया कि जल्द ही राम मंदिर के लिए नई सुरक्षा योजना लागू होगी, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति बगैर जांच-पड़ताल के मंदिर के आसपास भी नहीं फटक सकेगा।
22 व 23 जनवरी को भारी वाहन शहर के भीतर से होकर नहीं जाएंगे साथ ही जिन लोगों को आमंत्रण दिया गया होगा उनके आने के लिए बेहतर व्यवस्था रहेगी लेकिन अन्य छोटे वाहनों के लिए भी व्यवस्था लागू की जाएगी कि वह अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें।
डायवर्जन की सूचना विभिन्न माध्यमों से दी जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर खुफिया विभाग चारों ओर सक्रिय रहेगा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भी सहयोग लिया जाएगा। अराजक तत्वों की जानकारी के साथ ही उन पर पैनी नजर रहेगी।
22 व 23 जनवरी को भारी वाहन शहर के भीतर से होकर नहीं जाएंगे साथ ही जिन लोगों को आमंत्रण दिया गया होगा उनके आने के लिए बेहतर व्यवस्था रहेगी लेकिन अन्य छोटे वाहनों के लिए भी व्यवस्था लागू की जाएगी कि वह अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें डायवर्जन की सूचना विभिन्न माध्यमों से दी जाएगी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सुरक्षा के मददेनजर खुफिया विभाग चारों ओर सक्रिय रहेगा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भी सहयोग लिया जाएगा अराजकतत्वों की जानकारी के साथ ही उन पर पैनी नजर रहेगी।











