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बढ़ती तकनीक और दिल दहलाते रेल हादसे
बेशक बालासोर रेल दुर्घटना देश क्या दुनिया के भीषणतम हादसों में एक है। इतना ही नहीं और याद भी नहीं कि देश में कभी एक साथ ... -
अब एडोनावायरस की दस्तक नई चिंता का सबब
कोरोना की रफ्तार सुस्त पड़ते ही एक नए एडोनावायरस की धमक ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। इसका अब तक ज्यादा असर केवल प. ... -
कांग्रेस में अब कौन ताकतवर होगा, 10 राजाजी मार्ग या 10 जनपथ?
कांग्रेस का इतिहास देखें तो 137 साल के सफर में छठवी बार पार्टी अध्यक्ष का चुनाव हुआ है। बांकी वक्त पार्टी की कमान ... -
‘भाजपा अविजित’ तो ‘आप’ ने पकड़ी नए विकल्प की राह
अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद भाजपा और योगी का उत्तर प्रदेश में दोबारा प्रचण्ड बहुमत लौटना बताता है कि मिथक बस मिथक ही ... -
प्रसंगवश: क्या सियासत की नई इबारत लिखेंगे 5 राज्य
यह तो सही है कि जीतेगा तो लोकतंत्र, लेकिन सत्ता की कुर्सी पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में ऊंट ... -
काश... साल 2022 में हम धरती की सुध ले लेते !
हमने जेट रफ्तार से तरक्की तो कर ली। अंधाधुंध औद्योगिकीरण, शहरीकरण को अंजाम भी दे दिया। नए-नए मुकाम हासिल किए। लेकिन इन ... -
यूं पूरे देश को गमजदा कर क्यूं चले गए जनरल रावत....!
पूरा देश स्तब्ध हो टीवी, सोशल मीडिया, मोबाइल पर पल-पल का अपडेट लेकर दुआओं में लग गया। विधि का विधान देखिए शाम होते-होते ... -
कैप्टन का इस्तीफा: पंजाब में जो हुआ तय था, आगे क्या होगा अनिश्चित है?
1985 में शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए, विधान सभा चुनाव जीते और सुरजीत सिंह बरनाला का सरकार में मंत्री बने। 1987 में ... -
कैसी आधुनिक खेती? करोड़ों बरस की धरती हुई प्रदूषित!
यह विकास यात्रा जितनी रोचक है उतनी ही विस्तृत और कुछ यूं कि इस पर कितना भी लिखा जाए शोध किया जाए, कभी खत्म नहीं होने ... -
धरती कहे पुकार के मत रौंदे तू मोय, वरना वो दिन आएगा मैं रौंदूंगी तोय
बीते बरस प्राकृतिक आपदाओं के कारण दुनियाभर में बेघर हुए लोगों की संख्या 10 बरसों में सबसे ज्यादा रही। जहां साढ़े 5 ... -
लाइलाज महामारी बनेगा प्रकृति का बिगड़ता मिजाज!
प्रकृति पर कब किसका जोर रहा है? न प्रकृति के बिगड़े मिजाज को कोई काबू कर सका और न ही फिलाहाल मनुष्य के वश में दिखता है। ... -
सुहाना सफर और ये मौसम हंसीं- कहां गुम हो गए ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार...!
वो हिन्दी फिल्मों के ट्रेजेडी किंग थे। वो हिन्दी फिल्मों की नई ऊंचाइयों के दौर के लीजेंड यानी महान चरित्र अभिनेता थे। ... -
Environment: प्रकृति पर भारी पर्यावरण की बिगड़ती मार
बाढ़ से होने वाली मौतों में 20 फीसदी भारत में होती हैं। विश्व बैंक ने भी इसे कबूल चिन्ता बढ़ा दी। इससे 2050 तक हमारी आधी ... -
सजीव लोकतंत्र की सुगंध में दल-बदल की दुर्गंध कैसी…?
लोकतंत्र के यह पहरुए आम चुनावों के जरिए चुने जाकर देश-प्रदेश की सरकारों से लेकर गांव की पंचायतों तक में पक्ष-विपक्ष में ... -
Monsoon : बरसों बाद पहले आया मानसून वो भी झूम के
मानसून अरबी शब्द मावसिम यानी मौसम से बना है जिसे पावस भी कहते हैं। पुर्तगाली में मानसैओ, डच में मॉनसन जबकि हिन्दी, ... -
मेहुल चोकसीः पहले शह-मात अब अदालत में दो-दो हाथ
भारतीय बैंक घोटाले के सबसे बड़े घोटालेबाज मेहुल चैकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर 13, 578 करोड़ रुपयों की बैंक धोखाधड़ी के ... -
कहीं चीनी कोरोना जैविक युद्ध की कठपुतली तो नहीं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 2018 की एक रिपोर्ट में जीका, इबोला और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम यानी ... -
अनाज उगाता किसान और अनाज सड़ाती व्यवस्था का तिलिस्म!
ताउ-ते तूफान के बाद खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के असमय हुई बारिश से भीगने और नालों, नालियों में तक बह जाने की तबाही ... -
कोरोना कहरः द शो मस्ट गो ऑन, पिक्चर अभी बाकी है..!!
पिक्चर अभी बाकी है, द शो मस्ट गो ऑन.....! हिन्दी फिल्मों के मशहूर शो मैन राजकपूर के यह शब्द शायद उनसे भी ज्यादा ... -
महामारी में भी नहीं पसीजे मौत के बेशर्म सौदागर...
सच में आपदा के मौके पर भी अगर किसी की इंसानियत मर गई तो वह जीते जी मुर्दे से भी बदतर है। इससे बड़ा मौजूदा सवाल यह कि ...
