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world museum day : मध्यप्रदेश की विरासत 'ट्राइबल म्यूजियम', देश का अनूठा संग्रहालय
दरअसल भारत के स्वतंत्र होने के पश्चात, सन 1950 में भाषावार प्रान्तों के गठन के दौरान अपने जन्म से ही मध्य प्रदेश, ... -
इंदौर पर कविता : जय जय इंदौर
मेरा, तेरा, अपना, सबका; यह है इंदौर, जय जय इंदौर! 1) सुहानी जलवायु औ मालव माटी में, बो धीरज, आशा, सहनशीलता या ... -
ना भाषण, ना नारे, इन रचनात्मक सुझावों से पर्यावरण सुधारें
बचे हुए प्राकृतिक जंगलों को , उनकी सरहदों पर कंटीले तारों की बागड़ से घेरा जा सकता है। पेड़ों के छोटे से छोटे झुरमुट को ... -
Environment Day 2020 : पर्यावरण सुधार के असरकारी उपाय
हम में से हर कोई अपने दिमाग से कोई न कोई उपाय सोच कर धरती के क्षति ग्रस्त पर्यावरण को दुरुस्त करने में सहभागी बन पुण्य ... -
हिंदी कविता : प्रकृति धर्म
फूट उठतीं आम के फेंकी हुई गुठलियाँ -
World Biodiversity Day : जैव विविधता दिवस, लॉकडाउन और हमारा प्रकृति धर्म
22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। सन् 1993 जब से जैव विविधता पर अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाना तय हुआ तब से अब ... -
mother's day poem : मां, मैं खुश होती हूं
मां मैं खुश होती हूं जब बनाती हूं बची हुई रोटियों से रोटी पिज़्ज़ा! या जब काट लेती हूं पुरानी कढ़ाई वाली चुन्नी ... -
life in the times of corona : आपदा में आशीर्वाद, चहकती चिड़ियों का कलरव
भी जब मैं बगीचे के लान में बैठी यह पंक्तियां लिख रही हूं और मानव चलित गाड़ियां और लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण नगण्य ... -
21 days : लॉकडाउन के बाद आएंगे ये बदलाव, 21 काम की बातें
दुनिया में जो आता है वह जाता भी है। जो बंद होता है वह खुलता भी है। कोरोना वायरस आया है। वह जाएगा भी। लॉकडाउन हुआ है। वह ... -
मकर संक्रांति पर कविता : मुस्कुराती पतंग
वह पहली छत के दरवाजे की चौखट थामे मांगती रही सदा उसके हिस्से का आकाश उड़ाने के लिए अपनी पतंग! फकत मांगने ...
