Hanuman Chalisa
✕

श्रेष्ठ मुहूर्त के लिए तिथि, लग्न और नक्षत्र पर भी ध्यान दें

Updated: बुधवार, 4 अप्रैल 2018 (10:11 IST)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मुहूर्त विचार में तिथि के साथ लग्न और नक्षत्र विचार भी आवश्यक होता है। 
 
अगर आपको शुभ कार्य करना है तो शुभ और कोमल नक्षत्र में कार्य शुरू करना चाहिए। इसी प्रकार क्रूर कार्य के लिए कठोर और क्रूर नक्षत्रों का विचार किया जाना चाहिए। 
 
सफल मुहूर्त के लिए लग्न का शुद्ध होना भी आवश्यक माना गया है। अतः मुहूर्त का विचार करते समय लग्न की शुद्धि का भी ध्यान रखना चाहिए अगर नवमांश भी शुद्ध हो तो इसे सोने पे सुहागा कहा जाना चाहिए। 
 
ध्यान देने वाली बात है कि मुहूर्त की सफलता के लिए यह देखना चाहिए कि अष्टम भाव में कोई ग्रह नहीं हो और लग्न स्थान में शुभ ग्रह विराजमान हो। 
 
अगर ऐसी स्थिति नहीं बन रही है तो देखना चाहिए कि त्रिकोण एवं केन्द्र में शुभ ग्रह हों तथा तीसरे, छठे, ग्यारहवें भाव में पाप ग्रह हों। 
 
उत्तम मुहूर्त का विचार करते समय यह भी देखना चाहिए कि लग्न, चन्द्रमा और कार्य भाव पाप कर्तरी में नहीं हों अर्थात्‌ लग्न चन्द्र से दूसरे तथा बारहवें भाव में पाप ग्रह नहीं हों।
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख