आज के मुहूर्त (5.10.2010)
मंगलवार, 5 अक्टूबर 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- कृष्ण, तिथि- द्वादशी प्रात: 10.58 पश्चात त्रयोदशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शव्वाल, तारीख- 26, नक्षत्र- मघा दिन 10.19 पश्चात पूर्वाफाल्गुनी, योग- शुभ रात्रि 09.23 पश्चात शुक्ल, सूर्योदयकालीन करण- गरज, चन्द्रमा- सिंह राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- श्राद्ध पक्ष जारी है।
दिन- सामान्य।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
कार्य की अनुकूलता के लिए- खीर का दान करें।
दिन का पर्व- त्रयोदशी श्राद्ध, भौम प्रदोष।
उपयोगी ज्ञान- श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
शुभ समय- प्रात: 07.35-08.42, दिन 12.16-1.21। श्राद्ध का समय दिन 12.10-2.44।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 3.11-04.40 के बीच मंगल कार्य टालें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- कृष्ण, तिथि- द्वादशी प्रात: 10.58 पश्चात त्रयोदशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शव्वाल, तारीख- 26, नक्षत्र- मघा दिन 10.19 पश्चात पूर्वाफाल्गुनी, योग- शुभ रात्रि 09.23 पश्चात शुक्ल, सूर्योदयकालीन करण- गरज, चन्द्रमा- सिंह राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- श्राद्ध पक्ष जारी है।
दिन- सामान्य।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
कार्य की अनुकूलता के लिए- खीर का दान करें।
दिन का पर्व- त्रयोदशी श्राद्ध, भौम प्रदोष।
उपयोगी ज्ञान- श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
शुभ समय- प्रात: 07.35-08.42, दिन 12.16-1.21। श्राद्ध का समय दिन 12.10-2.44।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 3.11-04.40 के बीच मंगल कार्य टालें।

