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पन्ना रत्न पहनने के 10 लाभ और 5 नुकसान

बुधवार,मई 27, 2020
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इसी प्रकार हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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प्राचीनकाल से ही रत्न अपने आकर्षक रंगों, प्रभाव, आभा तथा बहुमूल्यता के कारण मानव को प्रभावित करते आ रहे हैं। अग्नि पुराण, गरुड़ पुराण, देवी भागवत पुराण, महाभारत आदि अनेक ग्रंथों में रत्नों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
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हकीक को हिंदी में अकीक और अंग्रेजी में अगेट के नाम से जाना जाता है। ग्रीक दार्शनिकों ने इस रत्न को 300 ईसा पूर्व खोजा था। हकीक सभी मुख्य रत्नों का उप-उप रत्न विकल्प होता है। इसे आमतौर पर माला या अंगूठी के रूप में पहना जाता है। ज्योतिषी की सलाह के ...
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जब मैं किसी को रत्न ना धारण करने का परामर्श देता हूं तो उनमें से कुछ आश्चर्यचकित हो जाते हैं वहीं कुछ मायूस हो जाते हैं। सामान्यतः ज्योतिषीगण राशि रत्न, लग्नेश का रत्न, विवाह हेतु गुरू-शुक्र के रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।
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बहुत से लोग गले में चांदी की चेन या अंगुलियों में अंगुठी पहनते हैं। कुछ लोग मोतियों की माला या चांदी में मोती की अंगुठी पहनने हैं। ज्योतिष में चांदी या मोती का संबंध चंद्रमा और शुक्र से है। दोनों ही शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करते हैं। इनके ...
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मोती एक ऐसा रत्न है, जो अमृत का काम करता है। जीवन के किसी भी क्षेत्र में कोई भी बाधा हो उसे दूर करता है। मोती एक ऐसा रत्न है, जो आपकी हर इच्छा पूरी करने की क्षमता रखता है।
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पन्ना रत्न 500 रुपए कैरेट से 5 हजार रुपए कैरेट तक आता है। इस रत्न को धारण करने से अनिश्चितता निश्चितता में बदल जाती है। विद्यार्थी वर्ग यदि पन्ना पहने तो बुद्धि तीक्ष्ण बनती है।
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नीला पुखराज, यह रत्न आकर्षण शक्ति बढ़ाता है। बुझे दिलों में रोमांस की इच्छा जगाता है। प्यार मोहब्ब्त के लिए इसे बहुत शुभ रत्न माना गया है।
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कई व्यक्तियों को रत्न धारण करने का बड़ा शौक होता है। कुछ तथाकथित ज्योतिषी भी उनके इस शौक से उत्तरदायी होते हैं जिनका रत्न विक्रेताओं से बड़ा घनिष्ठ संबंध होता है
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रत्न विज्ञान के अनुसार हजारों वर्षों से वैद्य रत्नों की भस्म और हकीम रत्नों की षिष्टि प्रयोग में ला रहे हैं। रसराज समुच्चय के अनुसार, हीरे में विशेष गुण यह है कि रोगी यदि जीवन की अंतिम सांस ले रहा हो, ऐसी अवस्था में हीरे की भस्म की एक खुराक से ...
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सामान्यत: चंद्रमा क्षीण होने पर मोती पहनने की सलाह दी जाती है मगर हर लग्न के लिए यह सही नहीं है। ऐसे लग्न जिनमें चंद्रमा शुभ स्थानों (केंद्र या त्रिकोण) का स्वामी होकर निर्बल हो, ऐसे में ही मोती पहनना लाभदायक होता है। अन्यथा मोती भयानक डिप्रेशन, ...
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सोने की चेन, अंगूठी, कड़ा पहनना प्रचलन में है। लोग इसे क्यों पहनते हैं? क्या वह खुद को धनवान सिद्ध करना चाहते हैं या कि उन्हें किसी ज्योतिष ने सोना पहनने की सलाह दी है। आओ जानते हैं कि इस संबंध में ज्योतिष की मान्यता क्या है। यह आलेख मान्यता और ...
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नौ ग्रहों में किसी भी ग्रह के कमजोर होने पर ज्योतिषी अक्सर रत्न पहनने की सलाह देते हैं। लेकिन रत्न विज्ञान में प्रत्येक रत्न के धारण करने के लिए एक निश्चित माप तय किया गया है।
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सबसे उत्तम बर्मा का माणिक माना गया है। यह अनार के दाने-सा दिखने वाला गुलाबी आभा वाला रत्न बहुमूल्य है। इसकी कीमत वजन के हिसाब से होती है।
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प्राचीन ग्रन्थों में रत्नों के 84 से अधिक प्रकार बताए गए हैं। उनमें से बहुत तो अब मिलते ही नहीं। मुख्‍यत: नौरत्नों का ही ज्यादा प्रचलन है। इन नौ रत्नों के ही उपरत्न भी बहुत से हैं। यहां जो नुकसान की बात कही जा रही है वह लाल किताब के अनुसार भी है।
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समुद्र से पाए जाने वाला एक महत्वपूर्ण रत्न मोती है जो कई प्रकार का होता है। अधिकतर महिलाएं मोती की अंगुठी या माला पहनती है। यह भी देखा गया है कि कई लोग अपने मन से ही मोती धारण कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा-सा रत्न भी आपको नुकसान ...
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बहुत से लोग स्फटिक की माला या अंगुठी पहनते हैं। स्फटिक को नग के बजाय माला के रूप में पहना जाता है। हालांकि कुछ लोग इसका ब्रेसलेट बनवाकर भी पहनते हैं। इसका शिवलिंग भी बनाया जाता है। यह स्फटिक क्या होता है और इसके पहनने के क्या फायदे हैं और क्या इसे ...
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मणियां कई प्रकार की होती है। जैसे घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, मासर मणि और लाजावर्त मणि। ज्योतिष के अनुसार लाजावर्त मणि के बारे में जानिए अद्भुत जानकारी।
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जो हीरा हल्के रंग की नीलिमा लिए श्वेत वर्ण का या नीली या लाल किरण निःसारित करते हुए सफेद वर्ण का हो या काले बिन्दुओं से मुक्त हो, वह उत्कृष्ट होता है।
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