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4 अंगुली और 9 रत्न : कौन-सा रत्न किसके लिए है फलदायी, जानिए रत्न पहनने के निर्देश

शनिवार,मई 21, 2022
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शनि ग्रह को बलवान करने, शनि की साढ़े साती, शनि की ढैय्या, दशा, महादशा या अन्तर्दशा में या शनि संबंधी किसी भी प्रकार की पीड़ा को शांत करने के लिए शनि के रत्न पहने जाते हैं। रत्नों के अलावा भी और भी कुछ पहना जाता है। आओ जानते हैं सभी के संबंध में ...
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Zodiac Sign Astrology : ज्योतिष मान्यता के अनुसार कुछ ऐसे रत्न होते हैं जिन्हें कुछ राशियों वाले जब पहनते हैं तो उनकी किस्मत बदलकर चमक जाती है, परंतु यदि यही रत्न दूसरी राशि वाले पहन लें तो उनके बुरे दिन प्रारंभ हो जाते हैं। आओ जानते हैं कि ऐसा ...
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नीलम को नीलमणि कहा जाता है। यह कई प्रकार की होती है। शनि का रत्न नीलम और नीलमणि में फर्क है। संस्कृत में नीलम को इन्द्रनील, तृषाग्रही नीलमणि भी कहा जाता है। आओ जानते हैं नीलमणि के 6 रहस्य।
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ज्योतिष की मान्यता है कि रत्न या स्टोन आपकी किस्मत पलट सकते हैं। ऐसे कई रत्न हैं जो बुरे दिन समाप्त करके अच्छे दिन ला देते हैं। परंतु यह भी कहा जाता है कि यदि कोई रत्न राशि या कुंडली के अनुसार नहीं पहना है तो नुकसान भी पहुंचा सकता है। हम जिस रत्न की ...
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ज्योतिष के अनुसार रत्नों को उनकी राशि के साथ ही कुंडली में स्थित ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही पहनना चाहिए क्योंकि यह नुकसानदायक भी हो सकते हैं और फायदेमंद भी। आओ जानते हैं कि यदि आपने पुखराज और पन्ना पहन रखा है तो क्यों हो जाएं सावधान और क्या होगा ...
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पुखराज को अंग्रेजी में टोपाज़ कहते हैं। पुखराज को गुरु ग्रह का रत्न माना जाता है। इसे पहनने गुरु ग्रह बलवान होता है, परंतु यह भी जान लेना चाहिए कि यह रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं अन्यथा यह नुकसान दे सकता है। पुखराज यूं तो पीला होता है परंतु यह ...
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ज्योतिष के अनुसार चांदी सबसे शुद्ध धातु है। पूजा के बर्तन, नैवेद्य पात्र आदि में चांदी का उपयोग किया जाता है। भारतीय महिलाएं गले में चांदी की चेन और पैरों में चांदी की पायल एवं बिछियां पहनती हैं। हिंदू पूजा पद्धति और ज्योतिष शास्त्र में चांदी को ...
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Gold Zodiac Signs Astrology: शरीर पर सोना धारण करना फायदेमंद भी हो सकता है और नुकसानदायक भी। सोने की चेन, अंगूठी, कड़ा पहनने से आपको फायदा होता है तो यह आपको धनवान और सम्मानित व्यक्ति बनाता है और यदि यह नुकसान पहुंचाए तो आपके जीवन में घटना या ...
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Moti stone benefits and loss: अधिकतर लोग मोती को चांदी की अंगुठी में जड़वाकर पहनते हैं और कुछ लोग मोतियों की माला भी पहनते हैं। मोती और चांदी दोनों ही चंद्र और शुक्र ग्रह से संबंधित रत्न हैं। यह शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करते हैं। मोती ...
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हीरा खूबसूरत और बेशकीमती रत्न है। इसमें चिकनापन, सुंदर चमक, अंधेरे में जुगनू की तरह चमकने वाला, सुंदर कठोर व अच्छे वर्णयुक्त हो वह श्रेष्ठ हीरा है
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अगर आपके जीवन में पारिवारिक कलह पीछा नहीं छोड़ रहा है और पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है तो इस परेशानी को दूर करने के लिए पत्नी को मोती का हार पहनाएं
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यह रत्न बहुत ही पारदर्शी होता है। यह रत्न कई रंगों का होता है और रंगों के अनुसार ही इसके ग्रह भी तय है। जैसे नीला रंग शनि का, हरा रंग बुध का, फिरोजी रंग शुक्र का और सफेद रंग चंद्र का होता है। इसे अंग्रेजी में एक्वामरीन ( Aquamarine ) कहते हैं।
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यह एक ऐसा पत्थर है जिसमें सांप के जहर के प्रभाव को खत्म करने की शक्ति रहती है इसीलिए इसे जहर मोहरा कहा जाता है। इसे सर्पिल भी कहते हैं। इसे अंग्रेजी में सरपेंटाइन कहा जाता है।
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कई लोगों ने जगमग या चकमक पत्थर देखा होगा। हालांकि वर्तमान पीढ़ी को इसकी जानकारी नहीं होगी। मुख्य चकमक पत्थर सफेद रंग का होता है और बड़ा ही अद्भुत होता है यह पत्थर। आओ जानते हैं इस पत्थर के उपयोग क्या क्या है।
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इसी प्रकार हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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मोती एक ऐसा रत्न है, जो अमृत का काम करता है। जीवन के किसी भी क्षेत्र में कोई भी बाधा हो उसे दूर करता है। मोती एक ऐसा रत्न है, जो आपकी हर इच्छा पूरी करने की क्षमता रखता है।
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बहुत से लोग मोतियों की माला या चांदी में मोती की अंगुठी पहनने हैं। ज्योतिष में मोती का संबंध चंद्रमा और शुक्र से है। यह शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करते हैं। आओ जानते हैं कि मोती पहनने के क्या फायदे हैं और किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं।
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ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है।
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हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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आपने पारस मणि, नागमणि, कौस्तुभ मणि, चंद्रकांता मणि, नीलमणि, स्यमंतक मणि, स्फटिक मणि आदि का नाम तो सुना ही होगा, परंतु ही यहां निम्नलिखित नौ मणियों की बात कर रहे हैं- घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, लाजावर्त ...
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मरगज को पन्ने का उपरत्न माना जा सकता है। मरगज, हरा हकीक, फिरोजा, पेरिडॉट, हरा ऑनेक्स यह सभी पन्ना के उपरत्न हैं।
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रत्न और उपरत्न कई प्रकार के होते हैं। जैसे- मूंगा (प्रवाल), ओपल या हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, पुखराज, नील, गोमेद, लहसुनिया सुलेमानी पत्थर, वैक्रांत, यशद, फिरोजा, अजूबा, अहवा, अबरी, अमलिया, उपल, उदाऊ, कर्पिशमणि, कसौटी, कटैला, कांसला, कुरण्ड, कुदरत, ...
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पन्ना बुध ग्रह का रत्न है। पन्ना मुख्यतः 5 रंगों में पाया जाता है। तोते के पंख के समान रंग वाला, पानी के रंग जैसा, सरेस के पुष्प के रंगों वाला, मयूरपंख जैसा
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हाथ की अंगुलियों में पहनने के नग या रत्न को राशि या ग्रह के अनुसार पहना जाता है। कुछ लोग कुंडली की जांच करने के बाद अंगूठी पहनते हैं। यहां 5 ऐसी अंगूठियों के बारे में पता रहे हैं जिनमें से एक पहनली तो अद्भुत चमत्कार होगा। हर कार्य में मिलेगी सफलता ...
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प्राचीन ग्रंथों में रत्नों के 84 से अधिक प्रकार बताए गए हैं। उनमें से बहुत तो अब मिलते ही नहीं। मुख्‍यत: 9 रत्नों का ही ज्यादा प्रचलन है। इन 9 रत्नों के ही उपरत्न भी बहुत से हैं। आओ जानते हैं गोदन्ती के बारे में 5 खास बातें।
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अंगूठी पहनना आपके लिए घातक भी हो सकता है। लाल किताब में अंगूठी पहनने के बारे में कई तरह के नियम बताए गए हैं। कई लोगों के हाथ में या कुंडली में गुरु अच्‍छा है तब भी पुखराज पहन लेते हैं। जरूरी नहीं कि गुरु उच्च का या नीच का हो तो ही पुखराज पहनें।
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पन्ना बुध ग्रह का रत्न है। बुध ग्रह वाणी, व्यापार, बहन, बुआ, मौसी आदि का कारक है। यह रत्न गहरे से हल्के हरे रंग का होता है। पन्ना मुख्यतः 5 रंगों में पाया जाता है। तोते के पंख के समान रंग वाला, पानी के रंग जैसा, सरेस के पुष्प के रंगों वाला, मयूरपंख ...
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फिरोजा रत्न का उपयोग ज्योतिष के साथ ही आभूषण बनाने में भी होता है। यह रत्न गहरे आसमानी रंग का होता है। आओ जानते हैं कि यह रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं।
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केतु के लिए लहसुनिया पहनने की सलाह दी जाती है। इसे संस्कृत में वैदुर्य कहते हैं। व्यापार और कार्य में लहसुनिया पहनने से फायदा मिलता है। यह किसी की नजर नहीं लगने देता है। यह ऊंचाइयां प्रदान करता है व शत्रुहन्ता होता है। परंतु इसके संबंब में जान ...
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आपने पारस मणि, नागमणि, कौस्तुभ मणि, चंद्रकांता मणि, नीलमणि, स्यमंतक मणि, स्फटिक मणि आदि का नाम तो सुना ही होगा, परंतु ही यहां निम्नलिखित नौ मणियों की बात कर रहे हैं- घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, लाजावर्त ...
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आपने पारस मणि, नागमणि, कौस्तुभ मणि, चंद्रकांता मणि, नीलमणि, स्यमंतक मणि, स्फटिक मणि आदि का नाम तो सुना ही होगा, परंतु ही यहां निम्नलिखित नौ मणियों की बात कर रहे हैं- घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, लाजावर्त ...
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सूर्य ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए या उसके उत्तम फल पाने के लिए इस ग्रह से संबंधित कौन कौन से रत्न होते हैं। अक्सर लोग माणिक्य रत्न के बारे में सलाह देते हैं कि कुंडली में सूर्य दूषित है या जिनकी सिंह राशि है उनको माणिक पहनना चाहिए। आओ जानते ...
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