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Moon eclipse 2020 : चंद्र ग्रहण के दौरान और बाद में क्या करें, जानें 15 विशेष बातें

शुक्रवार,जून 5, 2020
lunar eclipse 2020
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मनुष्य को शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार का व्रत करते हुए शनि देवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है,
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ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व माना जाता है। चंद्रग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा एवं पृथ्वी एक ही क्रम में होते हैं, जिसके कारण चंद्रग्रहण लगता है। ग्रहण के बाद कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
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इन दिनों एक पोस्ट इधर से उधर घूम रही है कि महिलाएं आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों से निशान क्यों बनाती हैं? इस पोस्ट का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन आमजन इसे मानने में कोई बुराई भी नहीं समझ रहे हैं..आइए जानते हैं क्या कहती है यह पोस्ट...
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चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है और यह घटना 5 जून को घटेगी। ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है। चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से ग्रहण शुरू हो जाएगा और अगली तारीख 6 जून की रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
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इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा, तिथि 5 जून 2020 की रात में लगेगा। खगोल शास्त्रियों के मतानुसार जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तो यह ग्रहण लगता है, 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा।
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चंद्र ग्रहण 5 जून को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर अगली तारीख 6 जून की रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
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5 जून 2020 को चंद्रग्रहण है। यह चंद्रग्रहण साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण है इसके पहले जनवरी महीने में ग्रहण था। आइए जानते हैं 5 जून को कितने बजे लगेगा उपछाया चंद्रग्रहण
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इस साल 5 जून से 5 जुलाई के बीच तीन ग्रहण लगने जा रहे हैं। जिनमें से दो ग्रहण भारत में दिखाई देंगे।
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इस वर्ष 2020 में 4 चंद्र ग्रहण बताए गए हैं। पंचांग भिन्नता के कारण इनकी तिथि अलग-अलग बताई गई है। पहला 10 जनवरी को हो चुका है,दूसरा 5 जून को होने वाला है, तीसरा 5 जुलाई को होगा और चौथा 30 नवंबर 2020 को लगेगा। आइए जानते हैं 5 जून 2020 को लगने वाले ...
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भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म में पर्यावरण का बहुत महत्व है। भारतीय धर्म का कोई सा भी त्योहार या व्रत पेड़-पौधों या वृक्षों के बगैर अधूरा है।
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वास्तु में राशि के अनुसार पेड़ लगाना सकारात्मक फलदायक माना जाता है। सभी लोगों को घरों में पेड़ लगाने के बारे में शुभाशुभ जानना आवश्यक होता है।
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प्रत्येक व्यक्ति का जन्म किसी न किसी राशि के नक्षत्र में ही होता है। नक्षत्र और ग्रहों को मिलाकर यहां प्रस्तुत है अपनी-अपनी राशि अनुसार इन पेड़-पौधों को आप उचित स्थान पर लगाकर उनकी देखरेख करके आप लंबे समय के लिए लाभ प्राप्त सकते हैं। इन पौधों के ...
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अगर आप ज्योतिष और धर्म में विश्वास रखते हैं तो चंद्र ग्रहण को देखने से बचें। चंद्र ग्रहण दिल, दिमाग और मन पर असर करता है। जैसे ज्वार-भाटा को चंद्र ग्रहण प्रभावित करता है उसी तरह भावनाओं के ज्वार पर भी असर डालता है।
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जून माह में सूर्य, मंगल और गुरु का राशि परिर्वतन हो रहा है जबकि बुध वक्री होगा और शुक्र मार्गी होंगे। इस परिवर्तन से कुछ लोगों को राहत मिलेगी तो कुछ लोग थोड़े से परेशान हो सकते हैं।
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स एकादशी का व्रत करने से अन्य एकादशियों पर अन्न खाने का दोष छूट जाता है और सम्पूर्ण एकादशियों के पुण्य का लाभ भी मिलता है। माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक इस पवित्र एकादशी का व्रत करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर अविनाशी पद प्राप्त करता ...
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ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। इस बार 2 जून 2020 को निर्जला एकादशी है। निर्जला एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त...
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2 जून 2020 को निर्जला एकादशी है। इस दिन कुछ विशेष चीजें दान करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है।
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जून माह जन्में युवा कुशल अधिकारी, पेंटर, काउंसलर, मैनेजर, टीचर या डॉक्टर होते हैं। राजनीति के लिए अगर इनके सितारे थोड़े भी सहयोग करें तो सब पर छा जाने की ताकत रखते हैं।
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जो व्यक्ति सच्चे मन के साथ इस व्रत को करता है उसे समस्त एकादशी व्रत में मिलने वाला पुण्य प्राप्त होता है। आइए जानिए पूजन और पारण के लिए शुभ समय कौन सा है....
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