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Navratri 2020 : महामारी और आपदा के लिए अचूक दुर्गा सप्तशती विशेष मंत्र, नवरात्रि में जरूर जपें

सोमवार,अक्टूबर 19, 2020
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इस वर्ष दशहरा का त्योहार 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा और मतांतर से 26 को भी मनाया जा रहा है।
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विजयादशमी के दिन नारियल के निम्न उपाय करने से जहां घर की नकारात्मकता दूर होती है, वहीं ये उपाय आपको करोड़पति भी बना सकते हैं। यहां आपके लिए प्रस्तुत है नारियल के 12 चमत्कारिक उपाय-
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देवी कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। कूष्मांडा का अर्थ है कुम्हड़े। मां को बलियों में कुम्हड़े की बलि सबसे ज्यादा प्रिय है। इसलिए इन्हें कूष्मांडा देवी कहा जाता है।
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हे मां! सर्वत्र विराजमान और कूष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे मां, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।
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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि में इस दिन भी रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें। इस दिन पूजा में बैठने के लिए हरे रंग के आसन का प्रयोग करना बेहतर होता है।
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चंद्र देव सौम्य और शीतल देवता हैं लेकिन कुंडली में अशुभ हो तो कई परे‍शानियां देते हैं आइए जानते हैं उन्हें शुभ कैसे बनाया जाए...
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धन, सुंदरता और स्वास्थ्य के लिए चंद्र देव को प्रसन्न करना चाहिए। सोमवार उनका दिन होता है। इस दिन उनकी प्रसन्नता के लिए इन मंत्रों का उच्चारण करें, हर चंद्र मंत्र का जाप 11 बार करें। धन और आरोग्य का वरदान प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत है चन्द्रमा के ...
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माला में 108 ही दाने क्यों होते हैं, उस विषय में योगचूड़ामणि उपनिषद में कहा गया है-
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कई लोग भूख मिटाने के लिए तम्बाकू चबाते हैं यह गलती व्रत के दौरान बिलकुल ना करें। व्यसन से व्रत खंडित होता है।
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हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि दुर्गा सप्तशती या चण्डी पाठ में उच्चारण की शुद्धता कितनी जरूरी है।
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आइए जानते हैं 'दुर्गा सप्तशती' के पाठ की सही विधि क्या है? यदि 1 दिन में दुर्गा सप्तशती का पूर्ण पाठ करना हो तो निम्न विधि से किया जाना चाहिए-
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जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री और स्वधा- इन नामों से प्रसिद्ध जगदंबे आपको मेरा नमस्कार है।
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ज्योतिष की दृष्टि से भी इनका विशेष महत्व है और इन्हें सुबह खाने से दिन शुभ और सफलतादायक होता है। हर दिन का विशेष मेवा माना गया है।
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17 अक्टूबर 2020 से मां दुर्गा का शुभ पर्व नवरात्रि आरंभ हो गया है।नौ दिनों तक मां को लगाएं इस प्रसाद का भोग... जानिए 9 दिन के 9 प्रसाद...
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मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं। इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां, जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में जाना जाता है।
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इस बार मातारानी स्वर्ग से धरती घोड़े पर सवार होकर आई हैं। पुन: प्रारंभ हो गए शुभ दिन। इसके पूर्व ऐसा शुभ संयोग 1962 में पड़ा था। शनिवार से नवरात्रि शुरू हो गई है। 16 अक्टूबर तक मलमास था और 17 अक्टूबर से घटस्थापना के साथ देवी के 9 दिनों की नवरात्रि
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दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी को ब्राह्मी कहा है। ब्राह्मी आयु को बढ़ाने वाली स्मरण शक्ति को बढ़ाने वाली, रूधिर विकारों को नाश करने के साथ-साथ स्वर को मधुर करने वाली है।
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नवरात्रि के शुभ अवसर पर राशि के अतिरिक्त लग्न के अनुसार भी दुर्गा मंत्र पढ़े जाते हैं। आइए जानें क्या है आपका शुभ मंत्र...
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दूसरे नवरात्र में मां के ब्रह्मचारिणी एवं तपश्चारिणी रूप को पूजा जाता है। जो साधक मां के इस रूप की पूजा करते हैं उन्हें तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है...
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