Hanuman Chalisa
✕

यदि आपके घर के मंदिर में शिखर है, तो यह अवश्य पढ़ें

Updated: सोमवार, 22 जनवरी 2018 (17:27 IST)
घर में स्थापित मंदिर में गुंबद या शिखर कतई ना बनाएं, जानिए क्यों
 
अक्सर आपने पूजाघरों में लकड़ी या संगमरमर के मन्दिर देखे होंगे। शायद आपके पूजाघर में भी ऐसा मन्दिर होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजाघर में बनाए गए मन्दिरों में गुम्बद या शिखर बनाना शास्त्रानुसार निषिद्ध है। यदि नहीं तो आज हम आपको घरों में बनाए या रखे जाने वाले मन्दिरों के विषय में अति-महत्त्वपूर्ण जानकारी देंगे।
 
शास्त्रानुसार पूजाघर के अन्दर रखे जाने वाले मन्दिरों में गुम्बद या शिखर नहीं होना चाहिए क्योंकि जिन मन्दिरों में गुम्बद या शिखर बनाया जाता है उनमें उस गुम्बद या शिखर पर कलश व ध्वजा चढ़ाना अनिवार्य होता है। हमारी वैदिक परम्परा में हमारे मन्दिरों के कलश व ध्वजा को मुक्ताकाश अर्थात् खुले आसमान के नीचे होना आवश्यक है। मन्दिर के कलश व ध्वजा के ऊपर छत इत्यादि का होना शास्त्रानुसार निषिद्ध है। 
 
वैदिक परम्परा के अनुसार कलश व ध्वजा की तुलना में उससे ऊंचा कुछ भी नहीं होना चाहिए, इसीलिए हमारे प्राचीन मन्दिरों का परिसर बहुत विशाल हुआ करता था और मन्दिर उस परिसर के ठीक मध्य में होता था। ऐसा इसलिए क्योंकि वैदिक परम्परा में जहां तक मन्दिर के कलश व ध्वजा के दर्शन होते रहते हैं उतना क्षेत्र धर्मक्षेत्र के अन्तर्गत आता है। 
 
ऐसी मान्यता है कि उस क्षेत्र में परमात्मा का प्रभामण्डल अधिक सक्रिय रूप में उपस्थित होता है। सनातन धर्मानुसार यदि किसी मन्दिर के केवल कलश व ध्वजा का दर्शन कर प्रणाम कर लिया जाए तो मन्दिर जाने का पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। इसलिए घरों के पूजाघर में बने या रखे मन्दिरों में गुम्बद, शिखर, कलश व ध्वजा का लगाया जाना निषिद्ध है।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख