sundarkand
✕

ऋषि पंचमी आज है, कैसे करें पूजन, कौन सा बोलें मंत्र

Updated: शनिवार, 11 सितम्बर 2021 (06:45 IST)
Rishi Panchami 2021
 
हिन्दू धर्म में ऋषि पंचमी का दिन एक शुभ त्योहार माना गया है। भाद्रपद शुक्ल पंचमी को सप्त ऋषि पूजन व्रत का विधान है। यह दिन हमारे पौरा‍णिक ऋषि-मुनि वशिष्ठ, कश्यप, विश्वामित्र, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, और भारद्वाज इन सात ऋषियों के पूजन के लिए खास माना गया है।

प्रतिवर्ष ऋषि पंचमी व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को किया जाता है। इस वर्ष यह पर्व शनिवार, 11 सितंबर 2021 को मनाया जा रहा है। ब्रह्म पुराण के अनुसार इस दिन चारों वर्ण की स्त्रियों को यह व्रत करना चाहिए। सभी महिलाओं तथा पुरुषों को यह व्रत अवश्य करना चाहिए। यह व्रत जाने-अनजाने हुए पापों के पक्षालन के लिए बहुत महत्व का माना गया है।

इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यतानुसार यह ऋषि पंचमी का उपवास रखने से व्यक्ति का भाग्य बदल जाता है और जीवन में हुए सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
 
आइए जानें कैसे करें ऋषि पंचमी का पूजन-
 
* इस दिन प्रातः नदी आदि पर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
 
* तत्पश्चात घर में ही किसी पवित्र स्थान पर पृथ्वी को शुद्ध करके हल्दी से चौकोर मंडल (चौक पूरें) बनाएं। फिर उस पर सप्त ऋषियों की स्थापना करें।
 
* इसके बाद गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से सप्तर्षियों का पूजन करें।
 
* तत्पश्चात निम्न मंत्र से अर्घ्य दें-
 
'कश्यपोऽत्रिर्भरद्वाजो विश्वामित्रोऽथ गौतमः।
जमदग्निर्वसिष्ठश्च सप्तैते ऋषयः स्मृताः॥
दहन्तु पापं मे सर्वं गृह्नणन्त्वर्घ्यं नमो नमः॥
 
* अब व्रत कथा सुनकर आरती कर प्रसाद वितरित करें।
 
* तदुपरांत अकृष्ट (बिना बोई हुई) पृथ्वी में पैदा हुए शाकादि का आहार लें।
 
* इस प्रकार सात वर्ष तक व्रत करके आठवें वर्ष में सप्त ऋषियों की सोने की सात मूर्तियां बनवाएं।
 
* तत्पश्चात कलश स्थापन करके यथाविधि पूजन करें।
 
* अंत में सात गोदान तथा सात युग्मक-ब्राह्मण को भोजन करा कर उनका विसर्जन करें।

ALSO READ: पर्युषण क्या है, क्यों किए जाते हैं, क्या है महत्व? जानिए

ALSO READ: Shri Ganesh Namavali : इस गणेश नामावली को पढ़ने से मिलेगा विवेक, ज्ञान और बुद्धि

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख