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Last Updated : सोमवार, 15 जून 2026 (12:39 IST)

मिथुन संक्रांति 2026: करें ये 5 विशेष दान, आर्थिक तंगी और जीवन के संकटों से मिल सकती है राहत

mithun sankranti ka daan
सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बहुत बड़ा बदलाव माना जाता है। जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान और विशेष रूप से दान का बेहद खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान जीवन के बड़े से बड़े संकटों को टाल देता है। मिथुन संक्रांति के इस पुण्य काल में अपनी श्रद्धा के अनुसार इन 5 चीजों का दान जरूर करना चाहिए।
 

1. अनाज का दान (गेहूं या चावल)

सनातन परंपरा में अन्न दान को महादान माना गया है। मिथुन संक्रांति के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को गेहूं या चावल का दान करने से घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह दान पितृ दोषों से भी मुक्ति दिलाता है।
 

2. जल या जल से भरे पात्र का दान

चूंकि मिथुन संक्रांति ज्येष्ठ या आषाढ़ के महीने (तेज गर्मी के समय) में आती है, इसलिए इस समय प्यासे को पानी पिलाना या जल का दान करना सर्वोत्तम माना गया है। आप किसी मंदिर, सार्वजनिक स्थान या राहगीरों के लिए मिट्टी के घड़े (मटके) का दान कर सकते हैं। इससे कुंडली में चंद्रमा और सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
 

3. तिल और गुड़ का दान

धार्मिक दृष्टिकोण से संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का दान करना बेहद शुभ होता है। गुड़ का संबंध सूर्य देव से है और तिल का संबंध शनि देव से। इन दोनों का दान करने से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, मान-सम्मान बढ़ता है और स्वास्थ्य से जुड़े संकटों का समाधान होता है।
 

4. वस्त्र (कपड़ों) का दान

इस विशेष दिन पर किसी गरीब या बेसहारा व्यक्ति को साफ-सुथरे वस्त्र दान करने चाहिए। मौसम के अनुकूल (जैसे सूती या हल्के कपड़े) वस्त्रों का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और राहु-केतु जैसे क्रूर ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं।
 

5. मौसमी फल और छतरी का दान

गर्मी के मौसम में आने वाले फल जैसे आम, तरबूज, या खरबूजा दान करने से मानसिक शांति मिलती है। इसके साथ ही, तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए छतरी (छाता) का दान करना भी इस संक्रांति पर विशेष फलदायी माना गया है। यह दान आपके जीवन से अचानक आने वाले संकटों को दूर करता है।
 

दान का स्वर्णिम नियम: 

  • दान हमेशा नि:स्वार्थ भाव से और मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ करना चाहिए। दिखावे या अहंकार के साथ किया गया दान अपना पुण्य खो देता है।
  • इस मिथुन संक्रांति पर अपनी सामर्थ्य अनुसार इनमें से कोई भी दान करें और सूर्य देव की कृपा से अपने जीवन के संकटों का समाधान पाएं।
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वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
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