suvichar
✕

मार्गशीर्ष मास : जानिए इस माह का महत्व, कैसे करें स्नान, क्या करें दान...

Updated: शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020 (15:17 IST)
जिस महीने की पूर्णिमा तिथि जिस नक्षत्र से युक्त होती है, उस नक्षत्र के आधार पर ही उस महीने का नामकरण किया जाता है। चूंकि मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है, इसलिए इस माह को मार्गशीर्ष कहा जाता है। इसके अलावा इसे मगसर, मंगसिर, अगहन, अग्रहायण आदि नामों से भी जाना जाता है। ये पूरा मास बड़ा ही पवित्र माना गया है। इसकी महिमा स्वयं श्री कृष्ण भगवान ने गीता में बताई है। गीता के 10वें अध्याय के 35वें श्लोक में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है -
 
बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम्।
मासानां मार्गशीर्ष Sहमृतूनां कुसुमाकरः।।
 
अर्थात् गायन करने योग्य श्रुतियों में मैं बृहत्साम और छंदों में मैं गायत्री छंद हूं तथा महीनों में मार्गशीर्ष और ऋतुओं में बसंत मैं हूं। अतः इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की उपासना की बड़ी ही महिमा है। इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की उपासना करने से व्यक्ति को जीवन में हर तरह की सफलता प्राप्त होती है और वो हर तरह के संकट से बाहर निकलने में सक्षम होता है।
 
सतयुग में देवों ने वर्ष का आरंभ मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही किया था। साथ ही ऋषि कश्यप ने भी इसी महीने के दौरान कश्मीर नामक जगह की स्थापना की थी, जो कि इस समय भारत का अभिन्न अंग है। मार्गशीर्ष मास के दौरान स्नान-दान का बड़ा ही महत्व है।

विशेषकर इस महीने के दौरान यमुना नदी में स्नान का महत्व है। मार्गशीर्ष महीने के दौरान यमुना नदी में स्नान करने से भगवान सहज ही प्राप्त होते हैं। अतः जो लोग जीवन में भगवान का आशीर्वाद बनाए रखना चाहते हैं और हर संकट से छुटकारा पाना चाहते हैं, उन्हें मार्गशीर्ष के दौरान कम से कम एक बार यमुना नदी में स्नान करने अवश्य जाना चाहिए, लेकिन जिन लोगों के लिए ऐसा करना संभव नहीं है, वो लोग घर पर ही अपने स्नान के पानी में थोड़ा-सा पवित्र जल मिलाकर स्नान कर लें।
 
स्नान
मार्गशीर्ष के दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान  से पवित्र होकर भगवान का ध्यान करना चाहिए और उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। स्नान से पहले तुलसी की जड़ की मिट्टी से भी स्नान करें, यानी अपने शरीर पर उसका लेप लगाएं और लेप लगाने के कुछ देर बाद पानी से स्नान करें। साथ ही स्नान के समय 'ॐ नमो भगवते नारायणाय' या गायत्री मंत्र का जप करें।
 
दान
इस मौसम में शीतलहर आरंभ हो जाती है अत: गर्म कपड़े,कंबल,मौसमी फल,शैया,भोजन और अन्नदान का विशेष महत्व है। साथ ही इस माह में पूजा संबंधी सामग्री जैसे आसन, तुलसी माला,चंदन,पूजा की प्रतिमा,मोर पंख,जलकलश,आचमनी,पीतांबर,दीपक आदि का दान शुभ माना गया है।  
ALSO READ: अगहन मास की ये 10 विशेषताएं आपको नहीं पता हैं...
ALSO READ: मार्गशीर्ष माह में पूजें दक्षिणावर्ती शंख, जानिए विधि एवं शुभ मंत्र
ALSO READ: अगहन मास को क्यों कहते हैं मार्गशीर्ष, पढ़ें खास जानकारी...
ALSO READ: अगहन मास का पहला गुरुवार क्यों होता है खास, महालक्ष्मी का मिलता है आशीर्वाद
ALSO READ: मार्गशीर्ष माह में भगवान विष्णु के 12 पवित्र नाम देते हैं मनचाहा वरदान
ALSO READ: मार्गशीर्ष मास की 10 बातें बहुत काम की हैं, जानिए आप भी...

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

06 October Birthday: आपको 06 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 अक्‍टूबर, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 अक्‍टूबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

शनि का उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

शुक्र की वक्री चाल से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में होंगे सकारात्मक बदलाव

अगला लेख