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15 मार्च से खरमास, 1 महीने तक भूलकर भी न करें ये शुभ कार्य, जानिए 11 विशेष बातें

Updated: गुरुवार, 14 मार्च 2019 (16:20 IST)
भारतीय पंचांग के अनुसार होलाष्टक के 2 दिन बाद से यानी 15 मार्च 2019, शुक्रवार से खरमास (मलमास) प्रारंभ हो रहा है। यह मुहूर्त लगते ही सभी शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा, यानी कि इस दौरान कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं होंगे। पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल 2019, रविवार दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। उसके बाद सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। तभी से विवाह, गृहप्रवेश आदि मांगलिक कार्य भी दोबारा शुरू हो पाएंगे, तब तक यानी 1 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे।
 
हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि मलमास या खरमास का महीना शुभ नहीं माना जाता है, ऐसी कई मान्यताएं हैं कि खरमास में विवाह, भवन-निर्माण, नया व्यापार या व्यवसाय आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। पंचांग के अनुसार यह समय सौर मास का होता है जिसे खरमास कहा जाता है। माना जाता है कि इस मास में सूर्य देवता के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। ज्ञात हो कि सूर्य देव सिर्फ भारत के नहीं है वे अखिल ब्रह्मांड के दिव्य देवता हैं। अत: इस समय में शुभ कार्य ना करें। आइए जानते हैं खर मास में क्या करें और क्या न करें :-  
 
खरमास क्या करें:-
 
* खरमास को मलमास भी कहा जाता है। इस मास की एकादशियों का उपवास कर भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें तुलसी के पत्तों के साथ खीर का भोग लगाया जाता है।
 
* इस मास में प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके भगवान विष्णु का केसर युक्त दूध से अभिषेक करें व तुलसी की माला से 11 बार भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः' का जप करें। 
 
* पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है इस मास में पीपल की पूजा करना भी शुभ रहता है। 
 
* कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए खरमास की नवमी तिथि को कन्याओं को भोजन करवाना पुण्य फलदायी माना जाता है। 
 
* सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण कार्य इस मास में यह किया जा सकता है कि दुर्व्यसनों, दुर्विचारों, पापाचार को त्याग कर श्रीहरि की भक्ति में मन लगाएं और सत्कर्म करें।
 
* इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर स्नान-दान आदि करने का भी विशेष महत्व माना जाता है।
 
खरमास में क्या न करें :- 
 
* इस पूरे मास तक विवाह, सगाई, ग्रह-प्रवेश आदि धार्मिक शुभकार्य या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। 
 
* नई वस्तुओं, घर, कार आदि की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए। 
 
* घर का निर्माण कार्य या फिर निर्माण संबंधी सामग्री भी इस समय नहीं खरीदनी चाहिए।

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