हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) का दिन मुख्य रूप से ब्रह्मा, भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और गुरुओं के गुरु भगवान दत्तात्रेय को समर्पित है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है क्योंकि वे भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। गुरुवार के दिन अध्यात्म, ज्ञान, सुख और समृद्धि की वृद्धि के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। यहाँ बताया गया है कि इस दिन आपको क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्यों खास है गुरुवार:
गुरुवार की प्रकृति क्षिप्र है। गुरुवार की दिशा ईशान है और सभी देवी एवं देवता ईशान में ही रहते हैं। गुरुवार का ग्रह बृहस्पति है। पीपल, पीला रंग, सोना, हल्दी, चने की दाल, पीले फूल, केसर, गुरु, पिता, ब्राह्मण, वृद्ध पुरोहित, विद्या, मंदिर और पूजा-पाठ यह सब बृहस्पति के प्रतीक माने गये हैं। यात्रा में इस वार की दिशा पश्चिम, उत्तर और ईशान ही मानी गई है। इस दिन पूर्व, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में यात्रा त्याज्य है।
गुरुवार के दिन क्या करना चाहिए?
पीले रंग का महत्व: इस दिन पीले रंग का बहुत बड़ा महत्व है। सुबह स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहनें।
भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा: केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए गुरुवार को केले के पेड़ में जल अर्पित करें, शुद्ध घी का दीपक जलाएं और हल्दी से तिलक करें।
व्रत और कथा: यदि संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और गुरुवार व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
तिलक लगाएं: पूजा के बाद अपने माथे पर हल्दी या केसर का तिलक जरूर लगाएं। इससे कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है।
दान पुण्य: इस दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ माना जाता है, जैसे- चना दाल, केला, बेसन के लड्डू, पीले कपड़े या सोना।
सत्यनारायण भगवान की पूजा: इस दिन घर में सत्यनारायण की कथा करवाना या स्वयं पढ़ना घर में सुख-शांति लाता है।
गुरुवार के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार के दिन कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है क्योंकि इससे गुरु कमजोर होता है और घर की बरकत रुक सकती है:
बाल और नाखून न काटें: गुरुवार के दिन बाल कटवाना, शेविंग करना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
कपड़े और सिर धोना: इस दिन महिलाओं को सिर नहीं धोना चाहिए और घर में भारी कपड़े धोने से भी बचना चाहिए।
पोछा न लगाएं: गुरुवार को घर में पोछा नहीं लगाना चाहिए, इससे घर का वास्तु कमजोर होता है और लक्ष्मी जी रुष्ट हो सकती हैं।
नमक का सेवन कम करें: यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो इस दिन नमक का सेवन न करें। भोजन में पीले पकवान (जैसे मीठे चावल या बेसन का हलवा) शामिल करें।
लेन-देन से बचें: इस दिन न तो किसी को उधार दें और न ही किसी से उधार लें।
एक सरल मंत्र जिसका आप जाप कर सकते हैं:
बृहस्पति देव या भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए आप पूजा के समय इस मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं:
"ॐ बृं बृहस्पतये नमः"
या
"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः"