Hanuman Chalisa
✕

Gajkesari Yog : गजकेसरी योग क्या होता है, कुंडली का सबसे बलवान योग कैसे बदलता है भाग्य

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 18 अप्रैल 2024 (16:50 IST)
Gajkesari Yog
Gajkesari yog in kundali Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में कई तरह के अच्छे और बुरे योग और राजयोग होते हैं। जैसे, अच्छे योगों में गजकेसरी योग, शश योग, गजलक्ष्मी योग, लक्ष्मी नारायण योग, अखंड साम्राज्य योग, बुधादित्य योग, राजयोग, शशयोग मालव्य योग, हंस योग आदि।  आओ जानते हैं कि गजकेसरी योग क्या होता है, कुंडली का सबसे बलवान योग कैसे बदलता है भाग्य।
 
गजकेसरी योग क्या होता है- What is gaj kesari yog?
- गुरु को गज और चंद्र को केसरी कहते हैं। केंद्र भाव में दोनों की युति और दृष्टि संबंध से यह योग बनता है।
- केंद्र भाव यानी कुंडली के 1, 4, 7 और 10वें भाव में गुरु और चंद्र की युति बनना या एक दूसरे के सामने दृष्टि संबंध बनाना। 
- यदि चंद्रमा के साथ या चंद्रमा से चतुर्थ भाव में या चंद्रमा के ठीक सामने सप्तम भाव में या चंद्रमा से दशम भाव में देवगुरु बृहस्पति हो तो ये गजकेसरी योग है।
- यदि यह दोनों ग्रह किसी क्रूर ग्रह से संबंध नहीं रखते हों तो कुंडली में गज केसरी राजयोग बनता है।
- अर्थात इन दोनों ग्रहों पर कोई पाप ग्रह या क्रूर ग्रह का प्रभाव ना हो तो गजकेसरी योग की शुभता में कई गुना वृद्धि हो जाती है। 
कुंडली का सबसे बलवान योग कैसे बदलता है भाग्य- What is the result of gaj kesari yog?
1. इस योग के बनने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन-सम्पदा की कमी नहीं रहती है। 
2. गुरु भाग्य को जागृत करता है तो चंद्र जीवन में सुख और शांति प्रदान करता है। इस योग से जातक सुख-समृद्धि प्राप्त करता है। 
3. गजकेसरी योग से जातक का भाग्य बहुत बलवान बन जाता है। वह अपने भाग्य के दम पर जीवन में सफल हो जाता है। 
4. जातक जीवन में स्त्री सुख, सन्तान सुख, घर, वाहन, पद-प्रतिष्ठा, सेवक आदि में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है। 
5. वह सफलता के शिखर को छूता है और वह उच्चपद प्राप्त करता है। इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख