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2022 तक इस 1 राशि पर है शनि का साया, कर्म अच्छे हैं तो जरूरत नहीं है डरने की

Updated: सोमवार, 17 जनवरी 2022 (16:32 IST)
शनि ग्रह एक राशि में ढाई वर्ष रहता है। साल 2021 में ( shani transit 2021 in hindi ) वह एक राशि में पिछले साल से ही गोचर कर रहा है जिसके कारण चार राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। आओ जानते हैं कि किस राशि पर रहेगा 2022 ( shani transit 2022 ) तक शनि का साया और क्या हो सकते हैं इसके उपाय।
 
 
1. इस राशि में रहेंगे शनि : शनि देव हर ढाई साल के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं। ऐसे में साल 2021 में शनिदेव का कोई भी राशि परिवर्तन नहीं होगा। क्योंकि शनिदेव वर्ष 2020 में अगले ढाई वर्षों के लिए धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में मौजूद हैं। जहां पर ये 29 अप्रैल साल 2022 तक रहेंगे। यही कारण है कि वर्ष 2021 में धनु, मकर और कुंभ राशि पर साल 2021 में शनि की साढ़ेसाती (Shani Sade Sati) या ढैय्या (Dhaiya) रहेगी।
 
2. शनि का असर : कहते हैं कि शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में शनि जातक की आर्थिक स्थिति पर, दूसरे चरण में पारिवारिक जीवन और तीसरे चरण में सेहत पर सबसे ज्‍यादा असर डालता है। ढाई-ढाई साल के इन 3 चरणों में से दूसरा चरण सबसे भारी पड़ता है।
 
3. मकर राशि पर असर : शनि पिछले वर्ष से ही मकर राशि ( Capricorn ) में गोचर कर रहे हैं। इस राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। ऐसे में इस रा‍शि के जातकों को बहुत ही सावधानी और सतर्कता से रहना होगा। क्योंकि शनि के प्रकोप के कारण धन-संपत्ति, परिवार से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती है। किसी के द्वारा धोखा मिल सकता है या आपके सारे कार्य असफल हो सकते हैं। मतलब किये कराए पर पानी फिर सकता है। 
 
5. उपाय :
1. जिन लोगों की कुंडली में शनि अच्‍छी स्थिति में हैं उन्हें चाहिए कि इस समय का फायदे उठाएं और अच्छे कार्य करें।
 
2. जिन लोगों की कुंडली में शनि अच्छी स्थिति में नहीं है उन्हें अपने कर्मों पर ध्यान देना होगा। किसी भी तरह के अनैतिक और गलत कार्य से बचना होगा। यदि कर्म अच्छे हैं तो डरने की जरूरत नहीं है। यानी कि इस दौरान मकर राशि के जातकों को उनकी कुंडली में शनि की स्थिति और अपने कर्मों के आधार पर शनि का असर झेलना होगा।
 
3. ब्याज का धंधा करना, शराब पीना, पराई स्त्री के बारे में गलत सोचना, अंधे, गरीब और सफाईकर्मी का अपमान करना, गाली बकना, धर्म का अपमान करना और गृहकलह करना आपको भारी पड़ सकता है।
 
4. प्रति शनिवार को छाया दान करें। अर्थात एक कटोरी में सरसों का तेल डालकर उसमें अपना चेहरा देंखे और उसे कटोरी सहित शनि मंदिर में दान कर दें। इसके अलावा शनि से संबंधित अन्‍य चीजों का दान कर सकते हैं।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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