'वाइब' के लिए प्रीति जिंटा ने हर दिन किया 18 घंटे काम, बोलीं- बच्चों के पास जाना था, इसलिए खुद चुनी लंबी शिफ्ट
फिल्म इंडस्ट्री से करीब एक दशक तक दूर रहने के बाद बॉलीवुड की 'डिंपल गर्ल' प्रीति जिंटा एक बार फिर सिनेमा के पर्दे पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 'बंटवारा 1947' से अभिनय की दुनिया में वापसी करने के बाद प्रीति अब अभिनेता-निर्देशक कुणाल खेमू की आगामी फिल्म 'वाइब' में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी।
हाल ही में मुंबई में आयोजित फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान प्रीति जिंटा ने अपनी इस फिल्म, अपने एक्शन अवतार और शूटिंग के दौरान बिताए गए लंबे घंटों पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस पर भी प्रतिक्रिया दी।
बच्चों के पास अमेरिका लौटना था, इसलिए किया 18 घंटे काम
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीति ने खुलासा किया कि उन्होंने 'वाइब' की शूटिंग के दौरान रोजाना 18 घंटे तक काम किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका अपना फैसला था और किसी ने उन पर दबाव नहीं डाला था।
प्रीति ने वर्क आवर्स की बहस पर अपनी राय रखते हुए कहा, हर इंसान की अपनी स्थिति और पसंद होती है। मैं भारत में एक सीमित समय यानी 30 से 40 दिनों के शेड्यूल के लिए आई थी। मेरा मुख्य उद्देश्य अपना काम जल्द से जल्द पूरा करना था ताकि मैं अमेरिका वापस जाकर अपने बच्चों के साथ समय बिता सकूं। इसीलिए मैंने लंबे समय तक काम करने में कोई आपत्ति नहीं जताई।
चुनौतियों से भरा था शूटिंग का अनुभव
प्रीति जिंटा ने कहा कि सेट पर हर दिन सिर्फ हंसी-मजाक नहीं होता, बल्कि काम पूरा करना पहली प्राथमिकता होती है। फिल्म में भारी एक्शन सीन्स और कई अन्य चुनौतियां थीं। प्रीति ने बताया, जब आप एक एक्शन फिल्म शूट कर रहे होते हैं, तो चीजें हमेशा आपके हिसाब से नहीं चलतीं। कभी अचानक बारिश आ जाती थी, तो कभी किसी की तबीयत खराब हो जाती थी।
उन्होंने कहा, इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुझे लंबे घंटों तक काम करने में कोई परहेज नहीं था, क्योंकि मेरा लक्ष्य समय पर शूट खत्म करना था।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत में अपने प्रवास के दौरान वे किसी सोशल इवेंट या पार्टी में नहीं गईं और पूरा ध्यान शूटिंग पर ही केंद्रित रखा।
बॉलीवुड में काम के घंटों पर जारी है बहस
प्रीति जिंटा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में काम की शिफ्ट और काम के घंटों को लेकर तीखी चर्चा चल रही है। बीते दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' से इसलिए किनारा कर लिया था क्योंकि वे प्रतिदिन 8 घंटे की फिक्स शिफ्ट की मांग कर रही थीं। ऐसे में प्रीति का "हर व्यक्ति का अपना नज़रिया" वाला बयान इस बहस में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।
'मडगांव एक्सप्रेस' जैसी हिट फिल्म से निर्देशन की शुरुआत करने वाले कुणाल खेमू की 'वाइब' एक जासूसी कॉमेडी फिल्म है। फिल्म में कुणाल खुद एक ऐसे शख्स के किरदार में हैं जो अनचाहे तरीके से एक गुप्त मिशन में फंस जाता है। फिल्म में प्रीति जिंटा का एक जबरदस्त एक्शन अवतार देखने को मिलेगा। यह फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

