चीन तक पहुंचने में 100 साल लगेंगे : ज्वाला

लंदन| वार्ता| पुनः संशोधित सोमवार, 16 जुलाई 2012 (23:40 IST)
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की शीर्ष महिला युगल बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा का कहना है कि खेलों में ने जो मुकाम हासिल कर लिया है, भारत को उस तक पहुंचने में अभी 100 साल का समय लगेगा।


गुट्टा ने लंदन से टेलीफोन पर एक साक्षात्कार में कहा कि चीन खेलों के मामले में हमसे 100 साल आगे है। दोनों देशों की कोई तुलना ही नहीं है। मेरी मां चीन की हैं और वहां के सिस्टम से भलीभांति परिचित हैं। उनका कहना है कि चीन में खिलाड़ियों को केवल अपने खेल की फिक्र करनी होती है। गुट्टा महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और मिश्रित युगल में वी. दीजू के साथ में उतरेंगी।
26 वर्षीय हैदराबादी बाला ने कहा लेकिन मेरी मां चीन के खिलाड़ियों से ज्यादा मेरा सम्मान करती हैं क्योंकि उनका मानना है कि मुझे अपने खेल, मीडिया, पढाई, नौकरी, दोस्तों, राजनीति और आलोचकों सभी की फिक्र करनी पडती है।

बैडमिंटन में चीनी खिलाड़ियों का दबदबा है लेकिन गुट्टा युगल मुकाबलों में चीन की कई शीर्ष जोड़ियों को हरा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि वह लंदन ओलिम्पिक में महिला युगल और मिश्रित युगल में खिताब जीत सकती हैं। गुट्टा ने कहा मैं हारने से नहीं घबराती हूं। महिला युगल और मिश्रित युगल में हम शीर्ष टीमों को हरा चुके हैं। मुझे किसी का डर नहीं है और पूरा विश्वास है कि मैं दोनों स्पर्द्धाओं में पदक जीतूंगी।
गुट्टा और अश्विनी ने 2010 में दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और पिछले वर्ष लंदन में हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। लंदन ओलिम्पिक की बैडमिंटन प्रतियोगिता के मुकाबले उसी कोर्ट पर होंगे, जिसमें विश्व चैंपियनशिप आयोजित की गई थी।
गुट्टा ने कहा कि वह कोर्ट पर अपनी मूवमेंट पर सुधार का अभ्यास कर रही हैं और साथ ही अपना वजन भी कम कर रही हैं।
उन्होंने कहा मैं अपने खानपान पर ध्यान दे रही हूं। मैं पहले ही अपना वजन काफी घटा चुकी हूं। अब मैं खुद को ज्यादा फिट महसूस कर रही हूं लेकिन इसके लिए मुझे अपने पसंदीदा खाने को छोड़ना पड़ रहा है। अभी मैं पूरी तरह प्रोटीन डाइट पर हूं और ओलिम्पिक के बाद भी मैं इसे जारी रखूंगी। (वार्ता)



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