हमले से हॉकी पर खतरा मँडराया-चार्ल्सवर्थ

मेलबोर्न (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 8 मार्च 2009 (18:33 IST)
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भारतीय हॉकी के पूर्व तकनीकी सलाहकार ने कहा कि हाल में आतंकी हमले से उपमहाद्वीप में खेल गतिविधियों पर संदेह के बादल छा गए हैं और उन्होंने दावा किया कि अगले साल नई दिल्ली में होने वाले और खटाई में पड़ सकता है।


चार्ल्सवर्थ ने कहा कि हमें अब पूरे उपमहाद्वीप के बारे में चिंतित होना पड़ेगा। मैं समझ सकता हूँ कि पाकिस्तान दुष्ट राष्ट्र है लेकिन मुंबई में भी हमला हुआ और जब मैं भारत में था तो दिल्ली में हैदराबाद में बम फट रहे थे।

उन्होंने कहा कि मैं अपने वहाँ के अनुभव से कह सकता हूँ कि मुझे समझ में नहीं आता कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता के लिए इतनी अधिक जनसंख्या का प्रबंधन कैसे किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आप राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दिल्ली को सुरक्षित कैसे बना सकते हो? 'द ऐज' ने चार्ल्सवर्थ के हवाले से लिखा यह अगले साल है और हमारा (हॉकी) विश्व कप भी वहाँ अगले साल ही होना है। लोग ये सवाल उठाना शुरू कर सकते हैं।


अटलांटा (1996) और सिडनी (2000) ओलिम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच चार्ल्सवर्थ ने कहा कि भारत को बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के आयोजकों से सीख लेने की जरूरत है और जनता तथा एथलीटों के बीच किसी प्रकार का संपर्क नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए उन्हें सभी गलियों को बंद कर देना चाहिए जैसा कि बीजिंग में ओलिम्पिक के दौरान किया गया। आम आदमी प्रतियोगिता या एथलीटों के करीब नहीं थे। उन्होंने कहा कि हॉकी विश्व कप के साथ हालाँकि यह समस्या है कि वे सभी सड़कों को बंद नहीं कर सकते।



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