टेटे में दो चरणों के प्रारूप की समीक्षा

लखनऊ| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 20 नवंबर 2009 (00:11 IST)
(एटीटीयू) ने यहाँ चल रही एशियाई टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं के लिए लागू किए गए नयए दो चरणों के की आलोचनाओं को देखते हुए इसकी समीक्षा करने का फैसला किया है।


मौजूदा प्रारूप के अनुसार पहले डिवीजन के दो चोटी के देश चैम्पियंस डिवीजन के लिए क्वालीफाई करेंगे, जहाँ उनका मुकाबला अन्य छह देशों से होगा।

एशियाई चैम्पियनशिप में इस प्रारूप के लागू किए जाने के बाद से भारत सहित अन्य देशों ने इसकी आलोचना की है इसलिए एटीटीयू की कांग्रेस ने इस प्रारूप पर कल प्रतियोगिता के साथ-साथ हुई अपनी बैठक में विस्तार से चर्चा की।
एटीटीयू के महासचिव टोनी युई ने कहा कि हमने इस प्रारूप को लागू करने के लिये मुख्य रूप से इसलिए सोचा था कि इस क्षेत्र में 44 देश हैं और इस दोहरे चरण के प्रारूप से छोटी टीमों को भी बड़ी टीमों के साथ खेलने का मौका मिल जाता।

हांगकांग के रहने वाले टोनी ने कहा कि हमने इस नए प्रारूप पर अपनी बैठक में विस्तार से बात कर ली है। एक बार यह टूर्नामेंट समाप्त हो जाए तो हम अन्य देशों और बड़े खिलाड़ियों से भी इस बारे में उनके विचार जानना चाहेंगे।
भारतीय टीम के कोच इटली के मासिमों कांसटांटेनी ने इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही इसके प्रारूप का माखौल बनाया था और मेजबान भारत की पुरुषों की टीम के कल हारकर बाहर हो जाने के बाद भी इस प्रारूप की जमकर आलोचना की थी। (भाषा)



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