निजी टेनिस टूर्नामेंटों पर रोक

नई दिल्ली (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 2 सितम्बर 2008 (11:35 IST)
एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले में अखिल भारतीय टेनिस संघ (एटा) ने निजी तौर पर खिलाड़ियों के देश में एटीपी या डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट आयोजित कराने पर रोक लगा दी है।


इसके मायने हैं कि एटीपी किंगफिशर ओपन और डब्ल्यूटीए सनफीस्ट ओपन जैसे टूर्नामेंट आयोजित कराने वाली महेश भूपति की ग्लोबो स्पोर्ट कंपनी को अब भविष्य में इन आयोजनों के लिए एटा से अनुमति लेनी होगी।

यह फैसला एटा की कार्यकारी समिति ने कल मुंबई में लिया। इससे पहले एक निजी प्रमोटर बिग लाइव ने एटीपी को लिखा था कि बेंगलुरू में प्रस्तावित टूर्नामेंट वे सुरक्षा कारणों से रद्द कर रहे हैं।

अक्टूबर में मुंबई में होने वाला डब्ल्यूटीए सनफीस्ट ओपन ग्लोबो स्पोर्ट द्वारा पहले ही रद्द किया जा चुका है। कंपनी ने एटा को लिखे ई-मेल में कहा कि इस मंजूरी को वह किसी और कंपनी को बेच चुकी है।


एटा ने बेंगलुरू एटीपी टूर्नामेंट रद्द किए जाने को गंभीरता से लेते हुए कहा कि देश की साख को नुकसान पहुँचाने वाले इस मसले को वह भारत सरकार को सौपेंगे।
एटा के महासचिव अनिल खन्ना ने कहा एटा समिति ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि आगे से किसी भी निजी उपक्रम को देश में एटीपी या डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना होता है।

उन्होंने कहा प्रायोजक नहीं मिलने पर वे देश की साख को दाव पर लगाने से भी बाज नहीं आते। उन्हें इससे भी फर्क नहीं पड़ता कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट रद्द करने से भारत की छवि पर क्या असर होगा।
एटा के महासचिव अनिल खन्ना ने कहा एटा समिति ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि आगे से किसी भी निजी उपक्रम को देश में एटीपी या डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जायेगी क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना होता है।

उन्होंने कहा प्रायोजक नहीं मिलने पर वे देश की साख को दाव पर लगाने से भी बाज नहीं आते। उन्हें इससे भी फर्क नहीं पड़ता कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट रद्द करने से भारत की छवि पर क्या असर होगा।



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