छह दिसंबर को अयोध्या में कारवाँ-ए-अमन यात्रा

लखनऊ | भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009 (18:48 IST)
अयोध्या में बाबरी ढाँचा विध्वंस की तिथि छह दिसम्बर को कुछ मुस्लिम और हिन्दू संगठन मिलकर आतंकवाद और साम्प्रदायिकता के विरुद्ध अयोध्या से अजमेर शरीफ तक ‘कारवाँ-ए-अमन’ यात्रा शुरू करके सद्भाव और भाईचारे का संदेश देंगे।

कारवाँ-ए-यात्रा छह दिसम्बर को अयोध्या से शुरू होकर 12 दिसम्बर को प्रदेश के विभिन्न जिलों से गुजरती हुई शांति, अमन और भाईचारे का संदेश देने वाली अजमेर शरीफ दरगाह पर समाप्त होगी।

ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एमए सिद्दीकी ने बताया कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद टूटने के 17 वषरे बाद भी कुछ मुस्लिम तो कुछ हिन्दूवादी संगठन सामाजिक ताने बाने से खिलवाड़ करते हुए छह दिसम्बर के दिन शोलों को हवा देने की कोशिश करते आए है।
उन्होंने बताया कि भाईचारा, अमन चैन और एकता का संदेश देने वाली इस यात्रा में मैग्गेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय का आशा परिवार, अयोध्या की आवाज, विश्व युवा सद्भावना परिषद, असगर अली इंजीनियर द्वारा मुंबई में संचालित सेंन्टर फॉर स्टडीज ऑफ सोसाइटी एण्ड सेकुलरिजम शामिल होंगे।

सिद्दीकी ने बताया कि इस यात्रा का मकसद सभी धर्मो के बीच भाईचारा बढ़ाना, देश की गंगा जमुनी तहजीब और वसुदेव कुटुम्बकम का संदेश देना है। उन्होंने इस यात्रा के मकसद के बारे में शायराना अंदाज में कहा, ‘‘यूँ करो कि सारा मुल्क एक खानदान हो, युगों-युगों की दोस्ती का न अब इम्तहान हो।’’
कारवाँ-ए-अमन यात्रा लखनउ से चलकर सात दिसम्बर को कन्नौज, आठ दिसम्बर को मैनपुरी, नौ दिसम्बर को आगरा, दस दिसम्बर को भरतपुर, 11 दिसम्बर को जयपुर होती हुई 12 दिसम्बर को अजमेर शरीफ में समाप्त होगी।

सिद्दीकी ने बताया कि इस यात्रा के बीच पड़ने वाले पड़ावों में पाँचों संगठन सभी जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेकर जनता को सद्भाव और एकता का संदेश देने के साथ ही आतंकवाद के विरुद्ध जनजागरण अभियान भी चलाएँगे। (भाषा)



और भी पढ़ें :