संगीत के जरिये प्यार को प्रोत्साहन-रहमान

लंदन| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 3 अप्रैल 2010 (00:30 IST)
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दो ऑस्कर, दो ग्रैमी सहित तमाम देशी-विदेशी पुरस्कार जीत कर देश का गौरव बढ़ाने वाले संगीतकार अपने के जरिये और एकता को प्रोत्साहित कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि अतिवादियों ने इस्लाम पर मजबूत शिकंजा कस लिया है।


उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद अपना नाम दिलीप कुमार से बदलकर अल्लाह रक्खा रहमान कर लिया था। रहमान ने कहा कि धर्म के पास समृद्ध संगीत परंपरा है।

हाल ही में पद्मभूषण से सम्मानित रहमान ने बताया कि मुझे इस्लाम की सबसे अच्छी बात यह लगी कि यह धर्म बिना शर्त वाले प्रेम पर आधारित है। यह एक अल्लाह और एक प्रेम पर भरोसा करता है। मैं विशेष तौर पर सूफी धारा की ओर आकर्षित हूँ जिसकी समृद्ध संगीत परंपरा है।

उन्होंने कहा कि चरमपंथियों द्वारा प्रचारित धारणा के विपरीत इस्लाम में संगीत पर पाबंदी नहीं लगाई गई है। (भाषा)



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