जम्मू में नहीं पिघली गतिरोध की बर्फ

फारूक, महबूबा, सोज समस्या की असल जड़-अमरनाथ समिति

जम्मू/श्रीनगर (भाषा)| भाषा|
अमरनाथ भूमि स्थानांतरण मुद्दे पर शुक्रवार को भी जम्मू-कश्मीर में स्थिति जटिल बनी रही क्योंकि अमरनाथ संघर्ष समिति ने केन्द्र द्वारा भेजे जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांगेस के सैफुद्दीन सोज के होने पर उससे बातचीत करने से इनकार कर दिया। साथ ही समिति ने जम्मू क्षेत्र में अपने बंद की अवधि 14 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की।


समिति के सदस्य ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) सुचेतसिंह ने कहा प्रतिनिधिमंडल में महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और सैफुद्दीन सोज हैं, जो समस्या की जड़ है। हम ऐसे प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने से इनकार करते हैं जिसमें ऐसे लोग हों।

इधर नई दिल्ली में गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने आज कहा कि सरकार अमरनाथ भूमि विवाद का हल निकालने के लिए कदम दर कदम आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कल राज्य में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का मकसद है कि आंदोलनकारियों का पक्ष सुना जाए।

इस बीच जम्मू में आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह पुंछ में कर्फ्यू लगा दिया गया और सेना ने यहाँ फ्लैग मार्च किया। कल यहाँ पथराव की घटनाएँ हुई थीं, जिनके मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पुंछ में श्री अमरनाथ संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों ने कल स्कूलों अन्य शैक्षणिक संस्थानों सरकारी कार्यालयों तथा बैंकों को जबरन बंद कराया था।



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