रैगिंग पर तुरंत रोक लगनी चाहिए-राष्ट्रपति

राँची| वार्ता|
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राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने देश के शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पर तुरंत प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हुए आज कहा कि संविधान में धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र का जो महत्व है उसे बरकरार रखने की आवश्यकता है।


श्रीमती पाटिल ने यहाँ झारखंड के राँची विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में कहा कि शिक्षण संस्थाओं में रैगिंग सबसे खतरनाक है और इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए तथा शिक्षण संस्थाओं को भी इसको लेकर सतर्क रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों को तीन गुणों को अपनी आदतों में सुमार करना चाहिए। पहला छात्रों को अनुशासित होना चाहिए, विशेषकर स्वयं अनुशासन पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि थोपा हुआ अनुशासन इसके उद्देश्य को परास्त करता है। दूसरा एकाग्रता छात्रों के दिमाग को किसी काम के प्रति एकाग्रचित करता है। तीसरा और अंतिम समय प्रबंधन है जो किसी काम को बेहतर ढंग से करने में मदद पहुँचाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आपसी सद्‍भाव और सहनशीलता ही हमारी सभ्यता का मूल आधार है जबकि शिक्षा ही विकास का मूल आधार है। कोई भी देश लगातार अपनी अर्थव्यवस्था को तब तक सुदृढ़ नहीं कर सकता है जब तक मानव विकास पर समुचित खर्च नहीं करेगा। सबको प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध हो और निरक्षरता दूर हो इसके लिए देश वचनबद्ध है।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में 36 स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में से 25 छात्राएँ हैं जो गर्व की बात है। (वार्ता)



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