यूपी चुनाव: दूसरे चरण की अधिसूचना जारी

लखनऊ| भाषा|
उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण की अधिसूचना गुरुवार को जारी कर दी गई। इस चरण में सूबे के तीन मंत्रियों, 31 विधायकों तथा 15 पूर्व मंत्रियों के साथ-साथ केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा समेत कई सांसदों के रिश्तेदारों एवं चुनाव मैदान में कूदे माफियाओं के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य की 403 विधानसभा सीटों के लिये सात चरणों में होने वाले चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक दूसरे चरण के चुनाव में प्रदेश के सीतापुर, बाराबंकी, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर तथा बस्ती जिलों की कुल 55 विधानसभा सीटों के लिए 13186 मतदान केन्द्रों पर आगामी आठ फरवरी को मतदान होना है। इसके लिए 19383 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें इस्तेमाल की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस चरण के चुनाव में 92 लाख 87 हजार 233 पुरुष, 77 लाख 56 हजार 551 महिला तथा 777 अन्य श्रेणी के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

दूसरे चरण के लिए नामांकन 19 जनवरी तक दाखिल किये जा सकेंगे जिनकी जांच 20 जनवरी को होगी। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 23 जनवरी होगी। मतदान आठ फरवरी होगा और मतों की गिनती छह मार्च को होगी।
वस्तुत: यह चुनाव का पहला चरण होगा, क्योंकि पहले दौर के चुनाव की तिथि, एक त्यौहार होने के कारण बढ़ाकर तीन मार्च कर दी गयी है। उस चरण की अधिसूचना बाद में जारी होगी। इस चुनाव में मुख्यमंत्री मायावती के करीबी सहयोगी, राज्य के संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री लालजी वर्मा और वस्त्रोद्योग एवं रेशम उद्योग राज्यमंत्री संग्राम सिंह वर्मा, 28 मौजूदा विधायकों तथा 14 पूर्व मंत्रियों की किस्मत का फैसला होगा।
अम्बेडकर नगर के टाण्डा क्षेत्र से तीन बार के विधायक लालजी वर्मा नये परिसीमन के कारण समीकरण बदलने के चलते अब जिले की कटेहरी सीट से मैदान में हैं। बदले माहौल में इस बार के चुनाव में उनकी प्रतिष्ठा दांव पर होगी।

नए परिसीमन में समाप्त हो चुकी नवाबगंज सीट से विधायक संग्राम सिंह वर्मा नवसृजित बाराबंकी सीट से मैदान में हैं। उनका मुकाबला इसी सीट से तीन बार विधायक रह चुके कांग्रेस प्रत्याशी छोटेलाल वर्मा से है।
इस चरण में कभी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी रहे और बाद में कांग्रेस का दामन थामकर केन्द्रीय इस्पात मंत्री बने बेनी प्रसाद वर्मा की ताकत की भी परीक्षा होगी। उनके बेटे और प्रदेश के पूर्व कारागार मंत्री राकेश वर्मा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।

राकेश पिछली बार इसी सीट से चुनाव हार चुके हैं लिहाजा इस बार के चुनाव उनके साथ-साथ उनके पिता बेनी प्रसाद वर्मा के लिये भी प्रतिष्ठा का सवाल होंगे।
दूसरे चरण में बाराबंकी से कांग्रेस के सांसद तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति के अध्यक्ष पी.एल. पुनिया के निर्वाचन क्षेत्र में भी चुनाव होगा लिहाजा अपने जिले की छह सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर भी होगी।

दिलचस्पी वाली अन्य प्रमुख सीटों में बस्ती सदर सीट भी शामिल है जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदम्बिका पाल के बेटे अभिषेक पाल चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा सपा के वरिष्ठ नेता वकार अहमद शाह के बेटे यासर शाह बहराइच की मटेरा सीट से उम्मीदवार हैं जबकि खुद वकार बहराइच सीट से सपा के प्रत्याशी हैं।
दूसरे चरण के चुनाव में प्रदेश के परिवहन मंत्री राम अचल राजभर का भी शक्ति परीक्षण होगा। उनके पुत्र संजय राजभर अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर क्षेत्र से बसपा के टिकट पर पहली बार चुनाव मैदान में हैं।

इस चरण के चुनाव में कई बाहुबलियों की किस्मत का भी फैसला होगा। फैजाबाद के मिल्कीपुर क्षेत्र से कुख्यात माफिया डान अभय सिंह सपा के टिकट पर प्रत्याशी है, जिनका मुकाबला आपराधिक छवि वाले बसपा प्रत्याशी इंद्र प्रताप तिवारी से भी है।
इसके अलावा सपा ने बीकापुर से पांच बार के विधायक और फैजाबाद से तीन बार सांसद रह चुके बाहुबली मित्रसेन यादव को चुनाव मैदान में उतारा है।

अम्बेडकरनगर की जलालपुर सीट पर फूलपुर से मौजूदा विधायक अरुणकांत यादव भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं जो आजमगढ़ से बाहुबली सांसद रमाकांत यादव के बेटे हैं।
दूसरे चरण में मतदान से गुजरने वाली श्रावस्ती की भिनगा सीट राज्य के बर्खास्त मंत्री दद्दन मिश्र के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न होगी। बसपा की नाराजगी के बाद मिश्र भाजपा के टिकट पर इस सीट के लिए मैदान में हैं। चुनाव के तीसरे चरण की अधिसूचना आगामी 16 जनवरी को जारी की जानी है। (भाषा)



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