माओवादी नेता प्रसादम को जमानत

कटक| भाषा|
ने शीर्ष माओवादी नेता गांती प्रसादम को बुधवार को दे दी। मल्कानगिरि के जिलाधिकारी आरवी कृष्णा के अपहरणकर्ता नक्सलियों ने उनकी सुरक्षित रिहाई के बदले प्रसादम को छोड़े जाने की माँग की थी।

अदालत ने प्रसादम को दो जमानतों के साथ 20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत प्रदान की। प्रसादम उन पाँच नक्सली नेताओं में शामिल है जिसकी रिहाई की माँग कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र माँझी के अपहरणकर्ताओं ने की थी।

माओवादियों के चुने गए मध्यस्थों में से एक दंडपाणि मोहंती ने दावा किया कि प्रसादम जमानत मिलने के बावजूद तब तक जेल में ही रहना पसंद करेगा, जब तक कि अन्य लोगों को जेल से रिहा नहीं कर दिया जाता। प्रसादम ने यह बात मोहंती से उस समय कही जब उन्होंने उससे झारपाड़ा जेल में मुलाकात की थी।
अदालत ने साथ ही याचिकाकर्ता को कोरापुट जिला सत्र अदालत में जाने को कहा जो जमानत की अन्य शर्तें तय कर सके। सरकार ने प्रसादम की जमानत का विरोध नहीं किया। उस पर देशद्रोह और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप थे।

सरकार ने अदालत को बताया कि प्रसादम के खिलाफ उसके सहयोग के बयान के अलावा उसके पास अन्य कोई साक्ष्य नहीं है। शीर्ष माओवादी रामकृष्ण की पत्नी पद्मा और चार अन्य नक्सलियों की जमानत पर सुनवाई बाद में होने की संभावना है। (भाषा)



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