खेलगाँव में बसने लगी बस्ती

बीजिंग (भाषा)| भाषा|
बीजिंगके दरवाजे दुनिया भर के 16000 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों के इस्तकबाल के लिए आज खुल गए हैं जो अगले एक महीने में खेलों के सबसे बड़े मेले के दौरान इस बस्ती में अपनी खुशियाँ और गम बाँटेंगे।

चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारी और शहर के मेयर चेन जिली को एक समारोह में खेलगाँव की चाबी सौंपी गई।

बीजिंग ओलिम्पिक के प्रमुख आयोजन स्थल बर्ड नेस्ट स्टेडियम और वाटर क्यूब के समीप 66 हेक्टेयर में बनाया गया यह खेलगाँव अत्याधुनिक होने के साथ नयनाभिराम भी है।

बीजिंग ओलिम्पिक आयोजन समिति के उपाध्यक्ष चेन ने कहा हम दुनिया भर से आये एथलीटों का स्वागत करते हैं। ओलिम्पिक में सबसे बड़ा 1099 सदस्यों का दल उतारने वाले चीन के खिलाड़ियों ने अपना राष्ट्रध्वज लहराते हुए सबसे पहले खेलगाँव में प्रवेश किया।
एथेंस ओलिम्पिक में 110 मीटर बाधा दौड़ के चैम्पियन लियू शियांग और बास्केटबॉल स्टार याओ मिंग समारोह में भाग लेने वाले सौ खिलाड़ियों में से थे।

खेलगाँव में अंतरराष्ट्रीय परिसर रिहायशी परिसर और संचालन परिसर होंगे। इसके रेस्त्रां में 5000 लोग एक साथ भोजन कर सकते हैं। इसमें दमकल केंद्र, कॉफी शॉप, टी-हाउस, नाई की दुकान, डाकखाना बाजार, पुस्तकालय और अस्पताल भी है।
खेलगाँव में हर धर्म के लोगों की पूजा इबादत के लिएएक सर्वधर्म आस्था केंद्र बनाया गया है। इसमें ईसाई, मुसलमान, बौद्ध, हिंदू और यहूदी समेत सभी धर्मों के खिलाड़ी और अधिकारी प्रार्थना कर सकेंगे। इसके लिए कई भाषाएँ बोलने वाले धर्मगुरूओं की सेवाएँ ली जा रही हैं।

चीन ने कहा है कि खेलों के दौरान खिलाड़ियों अधिकारियों दर्शकों और पर्यटकों को बाइबिल की मुफ्त प्रतियाँ बाँटी जाएँगी। ओलिम्पिक खेलों के दौरान आतंकवाद के खतरे को भाँपते हुए चीन ने विभिन्न स्तर पर सुरक्षा के चाक-चौबंद उपाय किए गए हैं।
खेलगाँव में 42 अपार्टमेंट बनाये गए हैं जिसमें ऊर्जा बचाने वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा पानी का दोबारा इस्तेमाल करने वाली प्रणाली पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री और सौर ऊर्जा से बिजली की व्यवस्था की गई है जो ग्रीन ओलिम्पिकके बीजिंग के नारे की द्योतक हैं।

यह खेलगाँव 27 अगस्त को बंद हो जाएगा, जब दुनिया भर से जमा होने वाले खिलाड़ी यहाँ बिताये लम्हों का सरमाया साथ लेकर अपने अपने ठिकानो को लौटेंगे और यहाँ छोड़ जाएँगे यादों का पिटारा। (भाषा)



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