पाटलीपुत्र सीट हम ही जीतेंगे : रामकृपाल यादव

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 13 अप्रैल 2014 (16:07 IST)
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नई दिल्ली। में अपनी जीत का दावा करते हुए राजद का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ने कहा कि सीट पर लालू से विचारों की लड़ाई है तथा उनकी पुत्री एवं पाटलीपुत्र से राजद प्रत्याशी मीसा भारती से उनका चाचा-भतीजी का रिश्ता बना रहेगा।


रामकृपाल ने पटना से बताया कि पूरे देश में मोदी लहर चल रही है, लोग विकास चाहते हैं। इसके साथ मेरे पक्ष में मेरा काम भी महत्वपूर्ण कारक है, जो मुझे जीत दिलाएगा।

उन्होंने दावा किया कि ‘मोदी लहर’, जदयू के निवर्तमान सांसद रंजन यादव के प्रति लोगों की नाराजगी और इस क्षेत्र से अपने 25 वर्षों के रिश्ते के आधार पर उन्हें जीत का पक्का विश्वास है।

मीसा भारती के ‘चाचा’ संबोधित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर रामकृपाल ने कहा कि उस परिवार के साथ 3 दशक से अधिक का संबंध रहा है। यह विचारों की लड़ाई है, क्योंकि पार्टी विचारधारा से भटक गई है। बच्चों से रिश्ते रहे हैं, रहेंगे। इसमें क्या बुराई है?


बिहार की पाटलीपुत्र सीट पर इस चुनाव में जदयू के निवर्तमान सांसद रंजन प्रसाद यादव, भाजपा के रामकृपाल यादव, राजद की मीसा भारती के बीच मुकाबला दिलचस्प एवं कांटे का है।
रामकृपाल और रंजन प्रसाद यादव लालू यादव के सहयोगी रह चुके हैं जबकि मीसा उनकी पुत्री हैं।

रंजन यादव राजद छोड़कर जदयू में शामिल हुए और एक समय लालू के काफी करीबी माने जाते थे। भाजपा में शामिल होने से पहले रामकृपाल राजद के महासचिव थे। (भाषा)



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