हम सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देते हैं: बाबा रामदेव

प्रधानमंत्री ने नहीं निभाया राष्ट्र धर्म: बाबा रामदेव

हरिद्वार| भाषा|
ने रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई पर स्वत: संज्ञान लेकर केंद्र को नोटिस जारी करने के लिए आज उच्चतम न्यायालय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह दिल्ली में अपने अनशन स्थल पर हुई पुलिस की बर्बरता के खिलाफ मानवाधिकार और महिला आयोग में भी शिकायत करेंगे।


रामदेव ने यहां स्थित अपने पतंजलि योगपीठ परिसर में आज सुबह से ‘सत्याग्रह’ दोबारा शुरू करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि रामलीला मैदान पर मेरे और मेरे समर्थकों पर हुई कार्रवाई पर उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र, दिल्ली प्रशासन और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। हम न्यायालय और प्रधान न्यायाधीश के शुक्रगुजार हैं।
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान पर पुलिस ने महिलाओं और बच्चों पर बर्बर कार्रवाई की। इसे देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। हम इन दोनों आयोगों में भी शिकायत करेंगे।


योग गुरु ने कहा कि ‘उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान लेने की घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय देश में निराशा और अविश्वास का माहौल है। ऐसे में लोकतंत्र की स्थिरता के लिए जनता का न्याय व्यवस्था में विश्वास बने रहना जरूरी है।

न्यायालय ने रामदेव और उनके समर्थकों को रामलीला मैदान से जबर्दस्ती बाहर कर देने की कार्रवाई पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

न्यायालय ने सवाल किया है कि ऐसी क्या परिस्थितियां थीं कि लोगों को आधी रात को बल प्रयोग कर हटाना पड़ा। (भाषा)



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