महज चुनावी सफलता उद्देश्य नहीं-आडवाणी

देहरादून| भाषा|
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पूर्व उपप्रधानमंत्री तथा राजग के संयोजक लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को कहा कि भाजपा का उद्देश्य मात्र चुनावी सफलता हासिल करना नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित यह पार्टी हर में एक एजेंडे के तहत चुनाव लड़ती है।


आडवाणी ने भाजपा की इकाई की प्रदेश परिषद में पूरे राज्य से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने हर चुनाव में एक एजेंडा बनाया और उसमें सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अब अपना लक्ष्य बनाया है कि पूरी दुनिया में भारत को 21वीं शताब्दी के दौरान ऊँचाई के सर्वोच्च शिखर पर ले जाना है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन जनसंघ के रूप में जब इस पार्टी का पहला सम्मेलन हुआ था तो उस समय कशमीर के मुद्दे को लेकर पार्टी ने आंदोलन किया था और दो विधान, दो निशान तथा दो प्रधान का विरोध किया था जिसके परिणामस्वरूप कश्मीर को भारत के अभिन्न अंग के रूप में स्वीकार करते हुए यह व्यवस्था समाप्त की गई।

भाजपा नेता ने कहा कि इसी तरह वर्ष 1997 में उन्होंने देश में सुशासन लाने का वादा किया और देश की जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी, जिसके फलस्वरूप राजग सरकार ने सुशासन दिखाकर अपना वादा सच साबित किया।


आडवाणी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में सदी के सबसे बड़े मेले कुंभ का सफलतापूर्वक आयोजन कर सिद्ध कर दिया है कि भाजपा राष्ट्रीय संस्कृति की बखूबी रक्षा करती है। आखिरी शाही स्नान के सफलतापूर्वक पूर्ण करने की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि वह तो कुंभ के कार्यक्रम में आए थे, लेकिन पार्टी के सम्मेलन के आकषर्ण को रोक नहीं पाए।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले पर पूरे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की निगाह लगी हुई है। यहाँ आने वाले लोग सुख-सुविधाओं की चिंता नहीं करते बल्कि गंगा में डुबकी लगाकर पाप मुक्त होने की चिंता करते हैं।

उन्होंने कहा कि कुंभ में जितना अच्छा प्रबंधन किया गया है, उसकी हर वर्ग के लोगों ने प्रशंसा की है। इस कुंभ को अविस्मरणीय बनाने के लिए 'हिन्दुइज्म विश्वकोष' का 12 खंडों में प्रकाशन किया गया है, जो एक अद्भुत कार्य है। इस विश्वकोष की जरूरत दुनिया के साथ-साथ देश के लोगों को भी है। आडवाणी ने राज्य सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे देश में विकास के मामले में जो चार राज्य ऊपर आते हैं उन चारों में भाजपा का ही शासन है।
आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को एक राष्ट्रीय आंदोलन बताते हुए कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में भारतवासियों के भीतर योजनाबद्ध तरीके से पैदा की गई हीन भावना को खत्म करने के लिए प्रमुख रूप से तीन आंदोलन हुए थे जिनमें दयानन्द सरस्वती, विवेकानन्द और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का आंदोलन शामिल था।

भाजपा नेता ने कहा कि देश के लोगों के अंदर स्वाभिमान पैदा करना उनकी पार्टी का उद्देश्य है और इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है ताकि लोग हम पर गर्व कर सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो 21वीं शताब्दी को भारत की बना सकती है।
पार्टी एकजुट : इसके पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पार्टी में एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न विकासकारी कार्यक्रमों के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि भाजपा हमेशा लोगों के हित में खड़ी रहती है।

कार्यक्रम में राज्यसभा की पूर्व उपसभापति तथा भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नजमा हेपतुल्ला ने परोक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के ही कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा ही पूरे देश में एकमात्र ऐसी पार्टी है, जहाँ लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश और सभी राज्यों पर भाजपा का शासन होगा। (भाषा)



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