प्रसून जोशी ने जीता पहला राष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 7 सितम्बर 2009 (23:56 IST)
लगातार दो बरस तक का का अवार्ड जीतने वाले गीतकार प्रसून जोशी ने आमिर खान के निर्देशन में बनी ‘तारे जमीं पर’ फिल्म के लिए दिल को छू लेने वाले गीत ‘तुझे सब है पता हैं न माँ’ के लिए अपना पहला जीता।

हाल के वर्षों में बालीवुड की कई सफल फिल्मों के लिए गीत लिखने वाले प्रसून जोशी को सोमवार को यहाँ घोषित 55वें राष्ट्रीय पुरस्कारों की ‘सर्वश्रेष्ठ गीतकार’ श्रेणी में पुरस्कृत करने का ऐलान किया गया।

फिल्म में दर्शील सफारी और टिस्का चोपड़ा पर फिल्माए गए इस गीत के लिए शंकर महादेवन को सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायक का पुरस्कार देने का ऐलान किया गया।
यह गीत एक बच्चे और उसकी माँ के बीच के अटूट संबंधों को बड़े ही मार्मिक और भोले अंदाज में पेश करता है। माँ से दूर तमाम तरह की दुष्वारियों से गुजर रहा बच्चा माँ से अपना प्यार जताना चाहता है, शिकायत भी करना चाहता है, लेकिन फिर यह सोचकर रुक जाता है कि उसकी माँ को सब पता है।

जोशी ने बातचीत करते हुए कहा,‘यह अपने आप में महान अनुभूति है। ‘तारे जमीं पर ’एक ऐसी फिल्म है, जो मेरे दिल के बहुत करीब है और यह गाना वाकई बहुत खास है । दर्शकों से दाद मिलने के बाद राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना ‘सोने पर सुहागा’ है ।
प्रसून को इस गीत के लिए वर्ष 2008 के फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार से नवाजा जा चुका है ।

इस गीत को लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली इस बारे में पूछे जाने पर प्रसून ने कहा, ‘ये मेरा सच है। मेरा मानना है कि जब कोई पूरी ईमानदारी से लिखता है तो उसका असर सीधे दिल पर होता है। इस गीत में मैंने अपनी सच्ची भावनाएँ व्यक्त की हैं इसीलिए यह इतने लोगों के दिलों को छू गया।’
प्रसून ने कहा,‘जब मैंने इस गीत को सुना तो मुझे लगा कि यह एक ऐसा गीत है, जिसे पसंद किया जाना चाहिए।’भौतिकी में स्नातक और एमबीए के डिग्रीधारक प्रसून ने अपने लिए नए क्षितिज की तलाश करने के लिए कलम उठाई और शुभा मुदगल की अलबम ‘अब के सावन’ और सिल्क रूट की ‘बूंदें’ के लिए सफल और लोकप्रिय गीतों की रचना की।



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